अस्पताल इंसान अपनी बीमारी ठीक कराने जाता है, लेकिन क्या हो जब वहां की पैथोलॉजी लैब की एक गलती आपकी सांसें ही अटका दे? छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिला चिकित्सालय से एक ऐसा ही बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां इलाज के लिए भर्ती एक 24 साल के नौजवान की जिंदगी में उस वक्त भूचाल आ गया, जब अस्पताल की लैब ने उसकी एचआईवी (HIV) रिपोर्ट पॉजिटिव निकाल दी। रिपोर्ट हाथ में आते ही युवक के पैरों तले जमीन खिसक गई। हालांकि, उसे खुद पर पूरा भरोसा था, इसलिए उसने इस रिपोर्ट को सिरे से खारिज कर दिया और अस्पताल में जमकर नाराजगी जताते हुए हंगामा शुरू कर दिया।
अस्पताल के सिस्टम की खुली पोल
युवक के कड़े विरोध और शोर-शराबे को देखते हुए स्वास्थ्य कर्मी हरकत में आए और तुरंत उसका सैंपल लेकर दोबारा जांच कराई गई। हैरानी की बात यह रही कि कुछ ही देर बाद जब दूसरी रिपोर्ट आई, तो वह पूरी तरह से 'नेगेटिव' थी। इस भारी लापरवाही ने अस्पताल के सिस्टम और जांच मशीनों की पोल खोलकर रख दी है। आपको बता दें कि दुर्ग जिला अस्पताल में मरीजों की जांच के लिए 'अटल आरोग्य लैब' संचालित की जा रही है। इस लैब का ठेका एचएलएल (HLL) कंपनी के पास है।
मुफ्त जांचों की सटीकता सवालों के घेरे में
दावा किया जाता है कि यहां मरीजों की 134 तरह की जांचें बिल्कुल मुफ्त की जाती हैं। अस्पताल में आने वाले हर मरीज का सैंपल यहीं लिया जाता है और रिपोर्ट भी यहीं से बनती है। लेकिन इन मुफ्त जांचों की सटीकता अब सवालों के घेरे में है। लैब की कार्यप्रणाली को लेकर यह कोई पहली शिकायत नहीं है। अस्पताल से जुड़े सूत्रों की मानें तो कुछ ही दिनों पहले जांच के लिए आई एक महिला को इस लैब ने सिकलिन (Sickle Cell) बीमारी से पीड़ित बता दिया था। उस वक्त भी जब शिकायत पर महिला की दोबारा जांच हुई, तो रिपोर्ट एकदम नॉर्मल आई थी।टाइम पर नहीं मिलता रिपोर्ट
इसके अलावा, लैब पर यह भी आरोप है कि वह मरीजों को समय पर रिपोर्ट नहीं देती, जिसकी वजह से डॉक्टरों को इलाज शुरू करने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है और मरीजों की जान पर बन आती है। एचआईवी जैसी गंभीर बीमारी की झूठी रिपोर्ट देने का मामला तूल पकड़ने के बाद अब अस्पताल प्रबंधन की नींद टूटी है। मामले की गंभीरता को देखते हुए दुर्ग जिला अस्पताल के सिविल सर्जन डॉ. आशीषन मिंज ने कड़ा रुख अपनाया है।
मशीनों की खामी दूर करने निर्देश
इस घटना पर बात करते हुए डॉ. मिंज ने बताया, "युवक की एचआईवी रिपोर्ट पहले पॉजिटिव और फिर नेगेटिव आने का मामला मेरे संज्ञान में आया है। मैंने तुरंत एचएलएल कंपनी के प्रभारी से इस पूरी घटना की वास्तविक रिपोर्ट तलब की है। इसके साथ ही, लैब में इस्तेमाल हो रही सभी मशीनों की सटीकता (Accuracy) जांचने के लिए उनका तत्काल कैलिब्रेशन (Calibration) कराने के सख्त निर्देश दिए गए हैं ताकि मशीनों की खामी दूर हो सके।
मरीजों के चेहरे पर रिपोर्ट्स को लेकर संशय
रिपोर्ट में गड़बड़ी की शिकायतें हमें पहले भी मिली हैं, जिस पर ठोस कार्रवाई की जा रही है।" इस घटना के बाद से अस्पताल में इलाज कराने आ रहे बाकी मरीजों में भी अपनी जांच रिपोर्ट्स को लेकर डर और संशय का माहौल बन गया है।