Atal Utkrisht Shiksha Yojana: महासमुंद जिले के एक छोटे से गांव से निकली प्रियांशी अब राजधानी रायपुर के जाने-माने Kanger Valley School में पढ़ाई करेगी। ग्राम फुलवारी के रहने वाले पूनम कुमार यादव पेशे से मजदूर हैं। उनके परिवार के लिए यह खबर किसी बड़े सपने के सच होने जैसी है, क्योंकि प्रियांशी को कक्षा 6वीं से लेकर 12वीं तक की पढ़ाई का पूरा खर्च अब नहीं उठाना पड़ेगा, उसे इस प्रतिष्ठित प्राइवेट स्कूल में पूरी तरह मुफ्त शिक्षा मिलेगी।
बेटी के दाखिले से परिवार में जश्न का माहौल
प्रियांशी के इस चयन से उसके घर-परिवार में खुशी का माहौल है। पिता पूनम यादव का कहना है कि उन्होंने कभी सपने में भी नहीं सोचा था कि उनकी बेटी इतने बड़े और महंगे स्कूल में कदम रख पाएगी। उन्होंने राज्य सरकार का आभार जताते हुए कहा कि यह पहल उन जैसे गरीब और मेहनतकश लोगों के बच्चों के लिए एक नई उम्मीद बनकर आई है।प्रियांशी की यह सफलता सिर्फ उसके परिवार के लिए ही नहीं, बल्कि महासमुंद जिले के उन तमाम मजदूरों के लिए एक मिसाल है जो तंगहाली के बावजूद अपने बच्चों को पढ़ाना-लिखाना चाहते हैं।
जानिए क्या है 'अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना'
प्रियांशी को यह बड़ा अवसर 'अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना' के तहत मिला है। यह योजना छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल द्वारा चलाई जाती है। इसका सीधा मकसद पंजीकृत निर्माण मजदूरों के होनहार बच्चों को राज्य के बेहतरीन प्राइवेट और रेजिडेंशियल (आवासीय) स्कूलों में पढ़ाना है।योजना के मुख्य लाभ और उद्देश्य
- मुफ्त दाखिला: पात्र बच्चों को कक्षा 6वीं में प्रवेश दिलाया जाता है।
- 12वीं तक की शिक्षा: 6वीं से लेकर 12वीं तक की पूरी पढ़ाई और व्यवस्था का खर्च सरकार उठाती है।
- समान अवसर: पैसों की तंगी के कारण किसी बच्चे की पढ़ाई न छूटे और उन्हें भी बड़े शहरों जैसी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिले।
