रायपुर के 12 वर्षीय छात्र मास्टर दिव्यांश सुल्तानिया ने कम उम्र में लेखन के क्षेत्र में खास उपलब्धि हासिल की है। राज्यपाल रमेन डेका ने शुक्रवार को दिव्यांश द्वारा लिखी पुस्तक ‘थॉट्स अबाउट गॉड’ का विमोचन किया। इस दौरान उन्होंने बाल लेखक के रचनात्मक प्रयास की सराहना करते हुए उसके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं।
दिव्यांश ने अपने दादा से मिली प्रेरणा के बाद इस पुस्तक को लिखना शुरू किया। ‘थॉट्स अबाउट गॉड’ में ईश्वर और आध्यात्मिकता से जुड़े विचारों को एक बच्चे के नजरिए से प्रस्तुत किया गया है। पुस्तक में दिव्यांश ने मन में उठने वाले सवालों और अपनी समझ को सरल व सहज भाषा में पाठकों के सामने रखा है।
गंभीर विषय पर कम उम्र में लेखन
महज 12 वर्ष की उम्र में ईश्वर और आध्यात्मिकता जैसे गंभीर विषय पर पुस्तक लिखने के प्रयास को राज्यपाल ने सराहनीय बताया। उन्होंने कहा कि दिव्यांश की यह रचना उसकी जिज्ञासा, गहरी सोच और रचनात्मक क्षमता को दर्शाती है। यह पुस्तक बच्चों को नए विषयों पर सोचने और अपने विचार व्यक्त करने के लिए प्रेरित कर सकती है।
दूसरी पुस्तक के कवर का भी लॉन्च
कार्यक्रम में राज्यपाल ने दिव्यांश की दूसरी पुस्तक ‘फ्रॉम पॉकेट मनी टू पोर्टफोलियो’ के कवर का भी अनावरण किया। इस पुस्तक का उद्देश्य बच्चों और युवाओं को कम उम्र से ही बचत, निवेश और वित्तीय जागरूकता का महत्व समझाना है।
गुल्लक से निवेश तक की मिलेगी जानकारी
आगामी पुस्तक में गुल्लक के माध्यम से बचत की आदत विकसित करने और जमा राशि का सही तरीके से निवेश करने की जानकारी दी जाएगी। वित्तीय विषयों को बच्चों के लिए सरल और व्यावहारिक भाषा में समझाने का प्रयास किया गया है, ताकि वे छोटी उम्र से ही पैसों के बेहतर प्रबंधन की सीख हासिल कर सकें।पढ़ने-लिखने की आदत जरूरी
राज्यपाल रमेन डेका ने कहा कि बच्चों में पढ़ने, लिखने और नए विषयों पर विचार करने की आदत उनके व्यक्तित्व निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। उन्होंने दिव्यांश को अपनी जिज्ञासा, रचनात्मकता और सीखने की ललक को आगे भी बनाए रखने के लिए प्रेरित किया।
परिजन भी रहे मौजूद
पुस्तक विमोचन के अवसर पर दिव्यांश के पिता सुधीर सुल्तानिया, माता सरिता सुल्तानिया सहित परिवार के अन्य सदस्य उपस्थित रहे। सभी ने दिव्यांश की उपलब्धि पर खुशी जताई और उसके भविष्य के लेखन के लिए शुभकामनाएं दीं।