Bagbahara Leopard News: नगरीय सीमा से लगे क्षेत्र में दो दिनों तक भालू की मौजूदगी के बाद अब तेंदुए की दस्तक से हलचल मच गई। मंगलवार शाम करीब 4.30 से 5 बजे के बीच सीताराम अग्रवाल के बगीचे में एक तेंदुआ घुस आया। उस समय बगीचे में कर्मचारी काम कर रहे थे। अचानक तेंदुए को सामने देखकर कर्मचारियों में दहशत फैल गई। कर्मचारियों ने सुरक्षित स्थान पर छिपकर तेंदुए का वीडियो बनाया और इसकी जानकारी बगीचे के मालिक के पुत्र धीरज अग्रवाल को दी।
बगीचे में अचानक पहुंचा तेंदुआ
धीरज अग्रवाल के अनुसार, घटना के समय कर्मचारी बगीचे में अपने काम में लगे हुए थे। इसी दौरान अचानक तेंदुआ बगीचे के भीतर दिखाई दिया। तेंदुए को देखते ही कर्मचारी वहां से हटकर सुरक्षित स्थान पर चले गए। इसी दौरान उन्होंने मोबाइल से तेंदुए का वीडियो भी बनाया। कुछ देर बाद कर्मचारियों ने घटना की जानकारी धीरज अग्रवाल को दी।
दारगांव की ओर खेतों से निकला
कर्मचारियों के अनुसार तेंदुआ बगीचे से होते हुए शुभ फ्यूल्स के पीछे की ओर गया। इसके बाद वह दारगांव की दिशा में खेतों से होते हुए आगे जंगल की ओर निकल गया। शाम के समय तेंदुए का वीडियो सामने आने के बाद आसपास के क्षेत्र में इसकी चर्चा तेज हो गई। लोगों में वन्यजीव की मौजूदगी को लेकर सतर्कता बढ़ गई है।
वीडियो देखकर वन विभाग ने की पुष्टि
करीब साढ़े सात बजे तेंदुए के विचरण और वीडियो की जानकारी वन विभाग को मिली। सूचना के बाद रेंजर नवीन वर्मा ने वीडियो का अवलोकन किया। उन्होंने वीडियो में दिखाई दे रहे वन्यजीव के तेंदुआ होने की पुष्टि की। रेंजर के अनुसार वीडियो में दिखाई दे रहा तेंदुआ सब-एडल्ट प्रतीत हो रहा है।
वीडियो देखकर वन विभाग ने की पुष्टि
करीब साढ़े सात बजे तेंदुए के विचरण और वीडियो की जानकारी वन विभाग को मिली। सूचना के बाद रेंजर नवीन वर्मा ने वीडियो का अवलोकन किया। उन्होंने वीडियो में दिखाई दे रहे वन्यजीव के तेंदुआ होने की पुष्टि की। रेंजर के अनुसार वीडियो में दिखाई दे रहा तेंदुआ सब-एडल्ट प्रतीत हो रहा है।
वन विभाग की लगातार निगरानी
रेंजर नवीन वर्मा ने बताया कि व्हाट्सएप के माध्यम से शाम के समय तेंदुए के विचरण की सूचना और वीडियो प्राप्त हुआ है। वीडियो का अवलोकन करने पर तेंदुआ सब-एडल्ट प्रतीत हो रहा है। वन विभाग की टीम द्वारा क्षेत्र में सतत गश्त और निगरानी की जा रही है।
वन विभाग ने आमजन से अपील की है कि तेंदुआ दिखाई देने पर उसके पास जाने, उसे घेरने या उसका पीछा करने का प्रयास न करें और तत्काल वन विभाग को सूचना दें। विशेषकर शाम और रात्रि के समय अनावश्यक रूप से अकेले आवागमन करने से बचें तथा आसपास के क्षेत्रों में सतर्कता बरतें। विभाग की टीम क्षेत्र में लगातार निगरानी कर रही है, ताकि मानव-वन्यजीव संघर्ष की स्थिति को रोका जा सके।

