Leopard Attack: कारीडोंगरी-झिटकी के जंगलों में उस वक्त हड़कंप मच गया जब लकड़ी बीनने गए एक युवक का सामना अचानक तेंदुए से हो गया। तेंदुए ने युवक पर जानलेवा हमला कर दिया, लेकिन युवक ने हिम्मत नहीं हारी। खुद को बचाने के लिए उसने तेंदुए पर अपनी कुल्हाड़ी (टंगिया) दे मारी, जिससे घबराकर तेंदुआ वापस जंगल की गहराई में भाग गया।
पीछे से झपटा तेंदुआ, जमीन पर गिरा युवक
मिली जानकारी के मुताबिक, पण्डरीपानी गांव निवासी लक्ष्मीचंद यादव (32 वर्ष) शनिवार सुबह करीब 9 बजे अपने पड़ोस की दो महिलाओं और अपनी भाभी के साथ जंगल की ओर गया था। सभी जंगल में थोड़ा आगे बढ़े ही थे कि अचानक पीछे से आए तेंदुए ने लक्ष्मीचंद पर हमला कर दिया। हमला इतना अचानक था कि महिलाओं में अफरा-तफरी मच गई। लक्ष्मीचंद ने पहले तेंदुए को डराकर भगाने की कोशिश की, लेकिन खूंखार जानवर दोबारा उस पर झपट पड़ा, जिससे वह जमीन पर गिर गया।
अदम्य साहस: कुल्हाड़ी फेंककर किया बचाव
जमीन पर गिरने के बाद भी लक्ष्मीचंद ने होश नहीं खोए। उसने खुद को संभाला, उठकर भागने लगा और हाथ में रखी कुल्हाड़ी पूरी ताकत से तेंदुए की तरफ फेंककर मार दी। युवक का यह कड़ा प्रतिरोध देख तेंदुआ सहम गया और हमला छोड़ जंगल की तरफ लौट गया।
अस्पताल में भर्ती, वन विभाग ने दी मदद
तेंदुए के पंजों के हमले से लक्ष्मीचंद की बांह और कंधे पर गहरे जख्म आए हैं। साथ मौजूद महिलाओं ने हिम्मत दिखाते हुए उसे संभाला और तुरंत बागबाहरा के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया, जहां उसका इलाज जारी है। घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और इलाके का जायजा लिया। विभाग की ओर से पीड़ित युवक को 1,000 रुपये की तात्कालिक आर्थिक सहायता राशि प्रदान की गई है।ग्रामीणों में दहशत, वन विभाग की अपील
इस घटना के बाद से कारीडोंगरी-झिटकी और आसपास के इलाकों में दहशत का माहौल है। वन विभाग ने ग्रामीणों को सतर्क रहने की सलाह दी है। अधिकारियों ने अपील की है कि कोई भी अकेले जंगल के भीतर न जाए, हमेशा समूह में निकलें और यदि कोई वन्यजीव नजर आए तो उसे छेड़ने के बजाय दूरी बनाकर सुरक्षित स्थान पर चले जाएं।

