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अवैध कॉलोनी पर कार्रवाई, प्लॉट खरीदारों को चेतावनी
अवैध कॉलोनी पर कार्रवाई, प्लॉट खरीदारों को चेतावनी
राज्य सरकार

अवैध कॉलोनी बनाने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई, 7 साल तक की जेल का प्रावधान

छत्तीसगढ़ में अवैध कॉलोनियों और अनधिकृत निर्माण पर रोक लगाने के लिए नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का प्रावधान है। अवैध कॉलोनी निर्माण के मामलों में तीन से सात वर्ष तक की जेल और न्यूनतम एक लाख रुपए जुर्माना हो सकता है। सूरजपुर जिला प्रशासन ने नागरिकों से प्लॉट या भवन खरीदने से पहले कॉलोनाइजर का पंजीयन, विकास अनुमति, स्वीकृत ले-आउट और भूखण्ड की बंधक स्थिति जांचने की अपील की है।

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प्रकाशित: 18 Aug 2026, 01:30 PM · अपडेट: 02 Oct 2026, 09:04 AM
रायपुर
AI द्वारा तैयार ~1 मिनट सारांश
नगरीय क्षेत्रों में अवैध कालोनियों के निर्माण पर प्रभावी रोक लगाने और नागरिकों के हितों की सुरक्षा के लिए छत्तीसगढ़ नगरपालिका अधिनियम, 1961 तथा छत्तीसगढ़ नगरपालिका (कालोनाइजर का रजिस्ट्रीकरण, निर्बन्धन तथा शर्तें) नियम, 1998 में आवश्यक प्रावधान किए गए हैं। अधिनियम की धारा 339-क के तहत नगरपालिका परिषद अथवा नगर पंचायत क्षेत्र में भूमि को भूखण्डों में विभाजित कर कालोनी विकसित करने वाले व्यक्ति का कालोनाइजर के रूप में पंजीयन अनिवार्य है। इसी प्रकार भवन अथवा अपार्टमेंट का निर्माण कर उसका विक्रय या अंतरण करने वाले भवन निर्माता के लिए भी पंजीयन प्रमाण-पत्र प्राप्त करना आवश्यक है।

अवैध कॉलोनी निर्माण पर लगेगा जुर्माना 

अवैध व्यपवर्तन अथवा अवैध कालोनी निर्माण के मामलों में अधिनियम की धारा 339-ग के तहत तीन से सात वर्ष तक के कारावास तथा न्यूनतम एक लाख रुपए के जुर्माने का प्रावधान है। इसके अलावा न्यायालय द्वारा प्रतिकर राशि का भुगतान करने का आदेश भी दिया जा सकता है। नियमों के अनुसार कालोनाइजर का पंजीयन प्रमाण-पत्र पांच वर्ष के लिए वैध होता है। प्रत्येक कालोनी के विकास कार्य और भूखण्डों के विक्रय के लिए सक्षम प्राधिकारी से पृथक विकास अनुमति लेना आवश्यक है। आवासीय कालोनियों में कुल भूमि का 15 प्रतिशत क्षेत्र आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लिए आरक्षित रखना अनिवार्य है। साथ ही निर्धारित भूखण्डों को विकास कार्य पूर्ण होने तक नगरपालिका के पास बंधक रखना होता है।

भूखण्ड खरीदने से पहले दस्तावेजों की करें जांच

सूरजपुर जिला प्रशासन ने कालोनाइजरों एवं भवन निर्माताओं से सभी निर्धारित नियमों का पालन करने की अपील की है। प्रशासन ने नागरिकों से भी आग्रह किया है कि भूखण्ड या भवन खरीदने से पहले संबंधित नगरीय निकाय से कालोनाइजर का पंजीयन, विकास अनुमति, स्वीकृत ले-आउट तथा भूखण्ड की बंधक स्थिति की अनिवार्य रूप से जांच करें। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। नागरिकों की जागरूकता और दस्तावेजों की पूर्व जांच से अवैध कालोनियों एवं अनधिकृत निर्माण से होने वाले आर्थिक नुकसान से बचा जा सकता है।
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