Pradhan Mantri Matru Vandana Yojana: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 25 वर्षों की सार्वजनिक सेवा यात्रा में जनकल्याण और अंतिम पंक्ति के व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने का संकल्प निरंतर केंद्र में रहा है। मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से संचालित प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना इसी संकल्प का हिस्सा है। योजना के माध्यम से गर्भवती एवं धात्री महिलाओं को पोषण और स्वास्थ्य देखभाल के लिए आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जा रही है, जिससे सुरक्षित मातृत्व को बढ़ावा मिल रहा है। महासमुन्द जिले के विकासखंड सरायपाली अंतर्गत ग्राम रूढ़ा की सुबलाया चौहान को भी योजना के माध्यम सुरक्षित मातृत्व का लाभ मिला।
एनीमिया से जूझीं सुबलाया, मिला पोषण का सहारा
सुबलाया चौहान बताती हैं कि गर्भवती होने के बाद स्वास्थ्य जांच के लिए वे आंगनबाड़ी केंद्र पहुंचीं। टीकाकरण दिवस के दौरान हुई प्रथम जांच में उनके शरीर में हीमोग्लोबिन की मात्रा काफी कम पाई गई और वे एनीमिया से पीड़ित थीं। ऐसे समय में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता उषा भोई ने गृह भेंट के दौरान सुबलाया एवं उनके परिवारजनों को प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना की जानकारी दी और योजना के अंतर्गत मिलने वाले लाभों के बारे में विस्तार से समझाया। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता द्वारा उनका आवेदन तैयार कर ऑनलाइन प्रविष्टि की गई। इसके लगभग एक माह के भीतर योजना की पहली किस्त के रूप में 3 हजार रूपए की राशि डीबीटी के माध्यम से उनके बैंक खाते में प्राप्त हुई। सुबलाया ने इस राशि का उपयोग अपने और गर्भस्थ शिशु के बेहतर स्वास्थ्य के लिए आवश्यक पोषण सामग्री जुटाने में किया। उन्होंने नियमित रूप से पौष्टिक आहार का सेवन शुरू किया और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के मार्गदर्शन में समय-समय पर एएनसी जांच तथा आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं प्राप्त कीं।
नियमित जांच से सुधरा हीमोग्लोबिन, जन्मा स्वस्थ बालक
नियमित स्वास्थ्य जांच, उचित पोषण और सतत देखभाल का सकारात्मक परिणाम सामने आया। गर्भावस्था के अंतिम चरण तक सुबलाया चौहान का हीमोग्लोबिन स्तर 8 ग्राम से बढ़कर 11 ग्राम हो गया। इसके बाद उन्होंने सुरक्षित प्रसव के दौरान 3.5 किलोग्राम वजन के स्वस्थ बालक को जन्म दिया। मां और नवजात दोनों स्वस्थ रहे। सुबलाया चौहान बताती हैं कि प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना से मिली आर्थिक सहायता और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के मार्गदर्शन ने गर्भावस्था के दौरान उनके लिए काफी मददगार भूमिका निभाई। उन्होंने योजना के माध्यम से मिले सहयोग के लिए केंद्र सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया।
नियमित स्वास्थ्य जांच, उचित पोषण और सतत देखभाल का सकारात्मक परिणाम सामने आया। गर्भावस्था के अंतिम चरण तक सुबलाया चौहान का हीमोग्लोबिन स्तर 8 ग्राम से बढ़कर 11 ग्राम हो गया। इसके बाद उन्होंने सुरक्षित प्रसव के दौरान 3.5 किलोग्राम वजन के स्वस्थ बालक को जन्म दिया। मां और नवजात दोनों स्वस्थ रहे। सुबलाया चौहान बताती हैं कि प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना से मिली आर्थिक सहायता और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के मार्गदर्शन ने गर्भावस्था के दौरान उनके लिए काफी मददगार भूमिका निभाई। उन्होंने योजना के माध्यम से मिले सहयोग के लिए केंद्र सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया।

