Chhattisgarh News: ननकट्ठी में जिंदा हो रही पुरानी परंपरा, आंगनबाड़ी केंद्रों में लगाए गए मुनगा के पेड़
Chhattisgarh News: छत्तीसगढ़ के ननकट्ठी में मुनगा को फिर से बढ़ावा देने की पहल की जा रही है। आंगनबाड़ी केंद्रों में लगाए गए पेड़ पोषण जागरूकता का माध्यम बन रहे हैं और लोगों को घरों में मुनगा लगाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
प्रकाशित: 30 Sep 2026, 08:44 PM· 3 मिनट पढ़ने का समय
ननकट्ठी
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Chhattisgarh News: एक समय था जब ग्राम ननकट्ठी के ज्यादातर घरों के आंगन और बाड़ी में मुनगा का पेड़ नजर आता था। यह सिर्फ एक पेड़ नहीं, बल्कि ग्रामीण जीवन और पारंपरिक खानपान का अहम हिस्सा हुआ करता था। यहां की मिट्टी और मौसम मुनगा की खेती के लिए अनुकूल होने के कारण लोग बिना ज्यादा मेहनत के इसे अपने घरों में लगा लेते थे। मुनगा की फली से बनने वाली सब्जी, रखिया के साथ मुनगा, आलू-मुनगा की सब्जी और दाल में मुनगा डालने की परंपरा आज भी कई ग्रामीण परिवारों में देखने को मिलती है। हालांकि बदलते समय के साथ पक्के मकानों के निर्माण और घरों में खुली जगह कम होने के कारण मुनगा के पेड़ों की संख्या पहले की तुलना में घट गई है। इसके बावजूद कई पुराने घरों और बड़ी बाड़ी वाले परिवारों ने इस परंपरा को अब भी संभालकर रखा है।
पोषण का प्राकृतिक स्रोत है मुनगा
मुनगा को पोषक तत्वों से भरपूर पौधा माना जाता है। इसकी पत्तियों और फलियों में कैल्शियम, आयरन समेत कई जरूरी पोषक तत्व पाए जाते हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में लंबे समय से इसका इस्तेमाल भोजन के साथ-साथ घरेलू स्वास्थ्य से भी जुड़ा रहा है। अब मुनगा को पोषण जागरूकता अभियान से जोड़ते हुए लोगों को अपने घरों में लगाने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है, ताकि परिवारों को स्थानीय स्तर पर पौष्टिक आहार का स्रोत मिल सके।
आंगनबाड़ी केंद्रों में लगाए गए मुनगा के पेड़आंगनबाड़ी केंद्रों में लगाए गए मुनगा के पौधे
इसी उद्देश्य से ग्राम ननकट्ठी के आंगनबाड़ी केंद्र क्रमांक 3 और 4 में मुनगा के पौधे लगाए गए थे, जो अब धीरे-धीरे बड़े होकर पेड़ का रूप ले चुके हैं। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का कहना है कि इस पहल का उद्देश्य बच्चों, गर्भवती महिलाओं और ग्रामीण परिवारों में पोषण के प्रति जागरूकता बढ़ाना है। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं द्वारा ग्रामीणों को अपने घरों के आंगन और बाड़ी में मुनगा लगाने के लिए भी प्रेरित किया जा रहा है, ताकि यह परंपरा फिर से मजबूत हो सके।
‘हर घर मुनगा, घर-घर मुनगा’ से बढ़ेगी जागरूकता
‘हर घर मुनगा, घर-घर मुनगा’ पहल के जरिए मुनगा को रोजमर्रा के भोजन का हिस्सा बनाने और पोषण के महत्व को समझाने का प्रयास किया जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी अपने ‘मन की बात’ कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ के मुनगा अभियान की सराहना की थी। ननकट्ठी में शुरू की गई यह पहल पुरानी ग्रामीण परंपरा को नए उद्देश्य के साथ आगे बढ़ाने का प्रयास है, जहां एक बार फिर मुनगा गांव के आंगनों में अपनी जगह बना रहा है।