बांग्लादेश की राजनीति में बड़ा भूचाल : राष्ट्रपति शहाबुद्दीन दे सकते हैं इस्तीफा, ढाका से बैंकॉक तक हलचल तेज
बांग्लादेश में राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन के इस्तीफे की अटकलें तेज हो गई हैं। रॉयटर्स ने तीन सूत्रों के हवाले से दावा किया है कि वह शुक्रवार को पद छोड़ सकते हैं, हालांकि अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। यदि इस्तीफा होता है तो संविधान के अनुसार स्पीकर कार्यवाहक राष्ट्रपति की जिम्मेदारी संभालेंगे।
बांग्लादेश का सियासी पारा एक बार फिर चरम पर है। सूत्रों के मुताबिक, देश के राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन आज शुक्रवार को अपने पद से इस्तीफा दे सकते हैं। रॉयटर्स ने तीन अलग-अलग सूत्रों के हवाले से यह दावा किया है। हालांकि, अभी तक इस संबंध में कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है, लेकिन सत्ताधारी खेमे की ओर से उन पर पद छोड़ने का दबाव लगातार बढ़ता जा रहा था। बांग्लादेशी संविधान के नियमों के अनुसार, राष्ट्रपति अपना इस्तीफा सीधे स्पीकर को सौंपते हैं। इसके बाद जब तक नए राष्ट्रपति का चुनाव नहीं हो जाता, तब तक स्पीकर ही कार्यवाहक राष्ट्रपति के तौर पर जिम्मेदारी संभालते हैं। संसद सचिवालय से जुड़े सूत्रों का कहना है कि संसद अध्यक्ष (स्पीकर) हाफिज उद्दीन शुक्रवार को अचानक ढाका लौट रहे हैं।
पूर्व शेड्यूल: इलाज के सिलसिले में 19 जुलाई को बैंकॉक गए स्पीकर को पहले 26 जुलाई को लौटना था।
नया अपडेट: बदले हुए कार्यक्रम के तहत वे आज दोपहर करीब 12:40 बजे थाई एयरवेज की उड़ान से ढाका पहुंच रहे हैं। उनके उतरते ही इस्तीफे की औपचारिक प्रक्रिया पूरी होने की उम्मीद जताई जा रही है।
शहाबुद्दीन की शेख हसीना से फोन पर बात
राष्ट्रपति शहाबुद्दीन और तारिक रहमान के नेतृत्व वाली बीएनपी (BNP) सरकार के बीच आई यह तल्खी एक हालिया खबर के बाद और गहरा गई। दावा किया गया है कि राष्ट्रपति शहाबुद्दीन ने पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना से फोन पर बातचीत की है। शेख हसीना ने हाल ही में इस साल दिसंबर तक बांग्लादेश लौटने की बात कही है।
शहाबुद्दीन को पद से हटाए जाने पर सरकार पे साधा निशाना
छात्र आंदोलन के दौरान हुई हिंसा और दमन के मामलों में अदालत ने उन्हें मानवता के खिलाफ अपराध का दोषी ठहराते हुए मौत की सजा सुनाई है। शहाबुद्दीन को शेख हसीना के कार्यकाल में ही राष्ट्रपति चुना गया था और उन्हें हसीना का करीबी माना जाता है। ऐसे में बीएनपी सरकार नहीं चाहती कि हसीना की वापसी से पहले शीर्ष पद पर उनका कोई समर्थक बैठा रहे। दूसरी तरफ, राजनीतिक हलकों से राष्ट्रपति के खिलाफ कड़े सुर भी सुनाई देने लगे हैं। नेशनल सिटिजन पार्टी (NCP) के संयोजक और सांसद नाहिद इस्लाम ने शहाबुद्दीन को अब तक पद से न हटाए जाने को लेकर सरकार पर निशाना साधा।
नाहिद इस्लाम ने तो यहाँ तक मांग कर दी कि:
राष्ट्रपति शहाबुद्दीन को तुरंत अपने पद से इस्तीफा देना चाहिए।
पद छोड़ते ही उन्हें गिरफ्तार किया जाना चाहिए।
उन्होंने जोर देकर कहा कि बांग्लादेश की जनता अब राष्ट्रपति के रूप में एक सक्षम, निष्पक्ष और अभिभावक जैसी छवि वाले व्यक्ति को देखना चाहती है।