शहडोल जिले के अमलाई थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले एसईसीएल (SECL) सोहागपुर एरिया से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। यहाँ की बंद पड़ी शारदा ओपन कास्ट माइन (OCM) एक बार फिर काल का ग्रास साबित हुई है। गर्मी और उमस से राहत पाने के लिए खदान में जमा पानी में नहाने उतरे एक स्थानीय युवक की गहरे पानी में समा जाने से मौत हो गई।
एसईसीएल प्रबंधन की लापरवाही पर फूटा ग्रामीणों का गुस्सा
इस दर्दनाक हादसे ने एसईसीएल (SECL) प्रबंधन की कार्यप्रणाली और बंद पड़ी खदानों की सुरक्षा व्यवस्था पर एक बार फिर गंभीर सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं। रवि सिंह की मौत से आक्रोशित परिजन और स्थानीय ग्रामीण पूरी तरह से भड़क उठे। उन्होंने शव को अपने कब्जे में लिया और सीधे शारदा ओसीएम के मुख्य प्रशासनिक गेट की ओर कूच कर दिया। ग्रामीणों ने खदान के मुख्य प्रवेश द्वार के ठीक सामने रवि के शव को सड़क पर रखकर अपना कड़ा विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया।
गेट पर शव रखकर प्रदर्शन
शारदा ओसीएम के गेट पर शुरू हुआ यह विरोध प्रदर्शन देखते ही देखते उग्र रूप लेने लगा। पीड़ित परिवार का कहना है कि रवि अपने घर का कमाऊ सदस्य था और उसकी इस अकाल मृत्यु के बाद पूरा परिवार पूरी तरह से बेसहारा हो गया है। खदान गेट पर धरने पर बैठे ग्रामीण और परिजन अब एसईसीएल प्रबंधन से स्पष्ट रूप से आर्थिक सहायता, उचित मुआवजे और परिवार के एक सदस्य को नौकरी देने की मांग पर अड़ गए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि जब तक प्रबंधन अपनी गलती स्वीकार नहीं करता और पीड़ित परिवार को तत्काल राहत राशि देने की घोषणा नहीं करता, तब तक वे शव का अंतिम संस्कार नहीं करेंगे।
मौके पर भारी पुलिस बल तैनात
खदान के मुख्य गेट पर शव रखकर प्रदर्शन और हंगामे की सूचना मिलते ही अमलाई थाना पुलिस हरकत में आई। स्थिति की गंभीरता और ग्रामीणों के भारी आक्रोश को देखते हुए मौके पर अतिरिक्त पुलिस बल को रवाना किया गया। कुछ ही देर में पुलिस के आला अधिकारी और एसईसीएल के सुरक्षा अधिकारी भी घटना स्थल पर पहुँच गए। अधिकारियों ने कानून व्यवस्था को हाथ में न लेने की अपील करते हुए प्रदर्शनकारियों को समझाने का प्रयास शुरू किया।