Bollywood Entertainment News: फराह खान और शिरीष कुंदर की शादी को दो दशक से ज्यादा समय हो चुका है। हाल ही में फराह ने एक शो में अपने पति के बदले हुए लुक, उनके परिवार के प्रति समर्पण और बच्चों की परवरिश में उनकी भूमिका को लेकर दिलचस्प बातें साझा कीं।
बॉलीवुड की मशहूर कोरियोग्राफर और फिल्म निर्देशक फराह खान अपने बेबाक अंदाज और मजाकिया बातचीत के लिए जानी जाती हैं। हाल ही में वह शेखर सुमन के शो में पहुंचीं, जहां उन्होंने पति शिरीष कुंदर के बारे में कई बातें बताईं। फराह के मुताबिक, शादी के बाद से शिरीष के लुक में काफी बदलाव आया है।
बच्चों की परवरिश में शिरीष कुंदर की अहम भूमिका
फराह खान ने शिरीष की तारीफ करते हुए कहा कि बच्चों की परवरिश में उनकी भूमिका देखकर उनके प्रति सम्मान और बढ़ गया है। फराह के अनुसार, शिरीष एक जिम्मेदार पिता हैं और परिवार की जरूरतों का पूरा ध्यान रखते हैं। तीनों बच्चे इतनी अच्छी यूनिवर्सिटी में समय से पहले दाखिला लेने में कैसे सफल हुए, तो वह इसका श्रेय शिरीष को देती हैं।
इंजीनियरिंग की पढ़ाई के बाद फिल्म इंडस्ट्री में आए शिरीष
शिरीष कुंदर का जन्म 24 मई 1973 को हुआ था, फिल्मी दुनिया में कदम रखने से पहले उन्होंने कर्नाटक के धारवाड़ स्थित एसडीएम कॉलेज से इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशंस इंजीनियरिंग की पढ़ाई की। पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने मोटोरोला में इंजीनियर के रूप में काम किया।'मैं हूं ना' से मिली फिल्म इंडस्ट्री में पहचान
शिरीष कुंदर ने साल 2000 में फिल्म 'चैंपियन' से बतौर एडिटर अपने करियर की शुरुआत की। इसके बाद साल 2004 में रिलीज हुई फराह खान की पहली निर्देशित फिल्म 'मैं हूं ना' की एडिटिंग ने उन्हें इंडस्ट्री में पहचान दिलाने में मदद की। इसी फिल्म के सेट पर फराह और शिरीष की मुलाकात हुई थी।
सलमान खान की फिल्म से निर्देशन में रखा कदम
एडिटिंग के बाद शिरीष कुंदर ने लेखन और निर्देशन में भी अपनी किस्मत आजमाई। साल 2006 में रिलीज हुई फिल्म 'जान-ए-मन' से उन्होंने बतौर निर्देशक और लेखक शुरुआत की। इस फिल्म में सलमान खान, अक्षय कुमार और प्रीति जिंटा प्रमुख भूमिकाओं में थे। फिल्म के बैकग्राउंड स्कोर से भी शिरीष जुड़े रहे।दिसंबर 2004 में शादी के बंधन में बंधे फराह और शिरीष
फराह खान और शिरीष कुंदर ने दिसंबर 2004 में शादी की थी। दोनों ने निजी जिंदगी के साथ-साथ अपने परिवार को भी प्राथमिकता दी। उनके तीन बच्चे हैं। फराह की हालिया बातचीत से यह भी सामने आया कि बच्चों की शिक्षा, मार्गदर्शन और उनके भविष्य की योजना बनाने में शिरीष की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।
'ओम शांति ओम' से 'जोकर' तक का सफर
शिरीष कुंदर ने 'ओम शांति ओम' (2007) और 'तीस मार खान' (2010) जैसी फिल्मों में लेखक और एडिटर के तौर पर काम किया। इसके बाद साल 2012 में रिलीज हुई फिल्म 'जोकर' का निर्देशन भी उन्होंने किया। फिल्म एडिटिंग से शुरुआत करने वाले शिरीष ने समय के साथ लेखन और निर्देशन में भी अपनी पहचान बनाई।







