छत्तीसगढ़ शासन और भारतीय उद्योग परिसंघ (CII) के सहयोग से आयोजित ‘छत्तीसगढ़ इंडस्ट्री डायलॉग ऑन ग्रीन स्टील’ में 13,840 करोड़ रूपए के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि ग्रीन स्टील और डाउनस्ट्रीम मैन्युफैक्चरिंग के माध्यम से प्रदेश की खनिज संपदा को अधिक मूल्य और निवेश में बदला जाएगा। सरकार का प्रयास है कि छत्तीसगढ़ में उत्पादित स्टील का उपयोग यहीं ऑटो कंपोनेंट्स, रेलवे, रक्षा, इंजीनियरिंग और सौर ऊर्जा उपकरणों के निर्माण में हो।
परियोजनाओं से 10,921 रोजगार मिलने की उम्मीद
ग्रीन स्टील से जुड़ी प्रस्तावित परियोजनाओं के धरातल पर उतरने से प्रदेश में 10,921 प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होने की संभावना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्टील का मूल्य संवर्धन प्रदेश में होने से स्थानीय युवाओं को रोजगार मिलेगा और छोटे एवं सहायक उद्योगों को भी आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा। राज्य सरकार ने निवेशकों को हरसंभव सहयोग देने का भरोसा दिलाया है।

18 महीने में करीब ₹8 लाख करोड़ प्रस्ताव
नई औद्योगिक विकास नीति 2024-30 लागू होने के बाद छत्तीसगढ़ में निवेश की रफ्तार बढ़ी है। मुख्यमंत्री के अनुसार पिछले 18 महीनों के दौरान प्रदेश को करीब 8 लाख करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव मिले हैं। इनमें स्टील, खनन, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डेटा सेंटर, सेमीकंडक्टर, फार्मास्यूटिकल, टेक्सटाइल और एग्रो-प्रोसेसिंग जैसे पारंपरिक एवं उभरते क्षेत्र शामिल हैं।
चार जिलों में खुलेंगे नए औद्योगिक पार्क
औद्योगिक विकास को रायपुर-भिलाई तक सीमित नहीं रखते हुए इसे प्रदेश के दूसरे जिलों तक पहुंचाने की तैयारी की जा रही है। राज्य सरकार ने राजनांदगांव, धमतरी, जांजगीर-चांपा और बस्तर में चार नए औद्योगिक पार्क स्वीकृत किए हैं। इन पार्कों के विकसित होने से संबंधित क्षेत्रों में उद्योगों की स्थापना के साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार और व्यावसायिक गतिविधियां बढ़ने की उम्मीद है।
इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर को मंजूरी
भारत सरकार ने राजनांदगांव में करीब 306 एकड़ क्षेत्र में इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर यानी EMC 2.0 को स्वीकृति दी है। इस क्लस्टर से बड़े निवेश के साथ लगभग नौ हजार रोजगार के अवसर पैदा होने की संभावना जताई गई है। सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रिक वाहन और स्मार्ट इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र की कई कंपनियों ने यहां उद्योग लगाने में रुचि दिखाई है।