जल जीवन मिशन के तहत कांकेर जिले के अंदरूनी इलाकों में सोलर पंपों के माध्यम से पेयजल आपूर्ति की जा रही है। जिन गांवों के लोगों को पहले पानी के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ती थी, वहां अब घरों तक साफ पानी पहुंचने लगा है। इससे ग्रामीणों, खासकर महिलाओं को बड़ी राहत मिली है।
कुछ साल पहले तक ग्रामीण महिलाओं को पानी भरने के लिए काफी दूर जाना पड़ता था। कुओं और हैंडपंपों पर घंटों इंतजार करना उनकी दिनचर्या का हिस्सा था। पानी जुटाने में अधिक समय लगने के कारण घर और खेती से जुड़े दूसरे काम भी प्रभावित होते थे, लेकिन नई व्यवस्था से स्थिति में सुधार आया है।
बिर्रेबेड़ा में लगाए गए दो सोलर पेयजल पंप
कोयलीबेड़ा क्षेत्र के वनांचल ग्राम बिर्रेबेड़ा में जल जीवन मिशन के तहत दो सोलर पेयजल पंप स्थापित किए गए हैं। यह काम छत्तीसगढ़ राज्य अक्षय ऊर्जा विकास अभिकरण (क्रेडा) ने किया है। दोनों पंपों के चालू होने से गांव में स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता बेहतर हुई है।
नदी-नालों और कुओं पर निर्भरता हुई कम
क्रेडा के सहायक अभियंता के अनुसार, सोलर ड्यूल पंप लगने से पहले ग्रामीण पेयजल के लिए नदी, नाले, कुएं और हैंडपंपों पर निर्भर थे। इस दौरान उन्हें काफी समय और मेहनत खर्च करनी पड़ती थी। अब गांव में ही आसानी से पानी उपलब्ध होने से परिवारों को पुरानी परेशानियों से राहत मिली है।
गंदे पानी की समस्या से ग्रामीणों को छुटकारा
सोलर पंपों की स्थापना के बाद ग्रामीणों की अस्वच्छ पानी पर निर्भरता कम हुई है। नई व्यवस्था से लोगों को नियमित रूप से साफ और शुद्ध पेयजल मिल रहा है। पानी भरने में लगने वाला समय बचने से ग्रामीण अपने अन्य दैनिक कार्य भी समय पर पूरा कर पा रहे हैं।
बिजली बिल के बिना लगातार पेयजल आपूर्ति
सोलर ड्यूल पंप पर्यावरण के अनुकूल होने के साथ ही ग्राम पंचायत पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ भी नहीं डालते। इनके संचालन के लिए बिजली की आवश्यकता नहीं होने के कारण पंचायत को विद्युत बिल का भुगतान नहीं करना पड़ता। सौर ऊर्जा से संचालित यह व्यवस्था गांव के लिए उपयोगी और किफायती साबित हो रही है।
ग्रामीणों ने सरकार के प्रति जताया आभार
बिर्रेबेड़ा के ग्रामीणों ने गांव में सौर ऊर्जा के माध्यम से पेयजल की सुविधा उपलब्ध कराने पर खुशी जताई है। उन्होंने इस पहल के लिए राज्य शासन और केंद्र सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया। ग्रामीणों का कहना है कि इस व्यवस्था से पानी की समस्या काफी हद तक दूर हुई है और उनके दैनिक जीवन में सकारात्मक बदलाव आया है।