Jammu Kashmir News: CISF कैंप में बहस के बाद जवान ने चलाई गोली, अधिकारी समेत 4 जवानों की मौत
Jammu Kashmir News: कठुआ जिले के बसोली स्थित CISF कैंप में मंगलवार शाम आपसी विवाद के बाद एक जवान ने सर्विस राइफल से फायरिंग कर दी। घटना में असिस्टेंट कमांडेंट समेत CISF के चार जवानों की मौत हो गई। पुलिस और CISF ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
प्रकाशित: 30 Sep 2026, 08:54 AM· 3 मिनट पढ़ने का समय
कठुआ
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Jammu Kashmir News: कठुआ जिले में मंगलवार की शाम एक बेहद दुखद और हैरान कर देने वाली घटना सामने आई। बसोली स्थित 'सेवा-II हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट' यूनिट में बने CISF (केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल) कैंप में आपसी विवाद के दौरान एक जवान ने अपने ही साथियों पर अंधाधुंध फायरिंग कर दी। इस गोलीबारी में एक असिस्टेंट कमांडेंट स्तर के अधिकारी समेत CISF के चार जवानों की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के तुरंत बाद कैंप में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। आरोपी हेड कॉन्स्टेबल को मौके पर मौजूद अन्य जवानों और पुलिस की मदद से तुरंत हिरासत में ले लिया गया, जिसे बाद में स्थानीय पुलिस के हवाले कर दिया गया है।
ड्यूटी बदलने के दौरान शुरू हुई थी कहासुनी
मिली जानकारी के अनुसार, यह पूरी वारदात शाम करीब 7 बजे की है, जब जवानों की ड्यूटी शिफ्ट बदली जा रही थी। उसी समय किसी बात को लेकर जवानों के बीच आपस में कहासुनी शुरू हो गई। देखते ही देखते बहस इतनी बढ़ गई कि 2009 बैच के एक हेड कॉन्स्टेबल ने आपा खो दिया और अपनी सर्विस राइफल से सहकर्मियों पर गोलियां बरसा दीं। शुरुआती जांच और परिस्थितियों को देखते हुए इसे 'फ्राट्रीसाइड' (अपनों पर ही गोली चलाने की घटना) का मामला माना जा रहा है। हालांकि, विवाद किस बात को लेकर शुरू हुआ और जवान किस तनाव में था, इसकी सटीक वजह अभी सामने नहीं आ सकी है।
कठुआ में अंधाधुंध फायरिंगपुलिस और CISF ने शुरू की समानांतर जांच
घटना की सूचना मिलते ही कठुआ जिला पुलिस की उच्च स्तरीय टीम तुरंत मौके पर पहुंची और पूरे इलाके को कब्जे में लेकर कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी। स्थानीय पुलिस के साथ-साथ CISF ने भी अपने स्तर पर मामले की आंतरिक जांच शुरू कर दी है।
मुख्यालय ने दिए 'कोर्ट ऑफ इंक्वायरी' के आदेश
इस घटना को केंद्रीय गृह मंत्रालय और सीआईएसएफ मुख्यालय ने बेहद गंभीरता से लिया है। CISF हेडक्वार्टर ने मामले की निष्पक्ष और गहराई से पड़ताल के लिए 'कोर्ट ऑफ इंक्वायरी' का गठन कर दिया है। अधिकारियों का कहना है कि सीआईएसएफ के महानिदेशक (DG) खुद इस मामले की निगरानी कर रहे हैं। जांच टीम यह जानने में जुटी है कि फायरिंग से ठीक पहले ऐसा क्या हुआ था, जिसने जवान को इतना बड़ा कदम उठाने पर मजबूर कर दिया।
हिमाचल सीमा से सटा है घटना स्थल
आपको बता दें कि कठुआ जिले का बसोली इलाका भौगोलिक दृष्टि से बेहद संवेदनशील है। यह क्षेत्र पड़ोसी राज्य हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले की सीमा से बिल्कुल सटा हुआ है। घटना के बाद से ही क्षेत्र में सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट पर हैं और पुलिस-सीआईएसएफ की टीमें हर पहलू को ध्यान में रखकर साक्ष्य जुटा रही हैं।