Jammu Kashmir News: रामबन जिले से एक सनसनीखेज खबर सामने आई है। सोमवार शाम को बाटोट क्षेत्र के सना में जियारत मोड़ के पास खड़ी एक कार से दो पुलिसकर्मियों के शव बरामद हुए हैं। अचानक हुई इस घटना के बाद से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है। दोनों जवान जिला पुलिस लाइंस, रामबन में तैनात थे। मृतक जवानों की पहचान हेड कांस्टेबल फरीद अहमद और सिलेक्शन ग्रेड कांस्टेबल मोहम्मद याकूब के रूप में हुई है।
अस्पताल पहुंचने से पहले ही हो चुकी थी मौत
स्थानीय निवासियों ने सना के जियारत मोड़ पर काफी देर से एक कार को संदिग्ध हालात में खड़े देखा। जब पास जाकर देखा गया तो उसमें दोनों पुलिसकर्मी बेहोश पड़े थे। ग्रामीणों ने तुरंत तत्परता दिखाते हुए उन्हें गाड़ी से निकाला और उपचार के लिए जिला अस्पताल रामबन पहुंचाया। हालांकि, वहां डॉक्टरों ने जांच के बाद दोनों को मृत घोषित कर दिया।
मौत की वजह अब भी रहस्य, जांच जारी
आखिर दोनों पुलिसकर्मियों की मौत किन परिस्थितियों में हुई, यह फिलहाल पूरी तरह अस्पष्ट है। घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस प्रशासन तुरंत हरकत में आ गया है और मामले की गहराई से तफ्तीश शुरू कर दी गई है। अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने और विस्तृत जांच पूरी होने के बाद ही मौत के असली कारणों का खुलासा हो सकेगा। फिलहाल फोरेंसिक टीम और पुलिस घटनास्थल से साक्ष्य जुटाने में लगी हुई है।रणनीतिक रूप से बेहद संवेदनशील है यह इलाका
रामबन जिला सुरक्षा और रणनीतिक लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है, क्योंकि यह जम्मू क्षेत्र को कश्मीर घाटी से जोड़ने वाले नेशनल हाईवे-44 का मुख्य हिस्सा है। अतीत में भी इस पूरे बेल्ट में सुरक्षा एजेंसियां संदिग्ध गतिविधियों को लेकर लगातार अलर्ट मोड पर रही हैं। हाल ही में 7 अगस्त को चंद्रकोट और नाशरी इलाके में नाकेबंदी तोड़कर भागी एक लावारिस कार डलवास लिंक रोड पर मिली थी, जिसके बाद पूरे जिले में तलाशी अभियान चलाया गया था।
इससे पहले 9 जुलाई को भी पड़ोस के कठुआ (बिलावर) में आतंकी ठिकाना और ग्रेनेड मिलने के बाद रामबन के जंगलों में चौकसी बढ़ा दी गई थी। इसी वजह से सुरक्षा एजेंसियां और पुलिस प्रशासन दो जवानों की इस अचानक हुई संदिग्ध मौत को बेहद गंभीरता से ले रहे हैं और मामले की हर संभावित पहलू से तफ्तीश की जा रही है।

