Jamui Case: बिहार के चर्चित जमुई कांड में कार्रवाई करते हुए पुलिस ने मुख्य आरोपी नंदन यादव को एनकाउंटर के बाद दबोच लिया है। वारदात स्थल पर साक्ष्य जुटाने ले जाने के दौरान आरोपी ने पुलिस हिरासत से भागने की कोशिश की, जिसके बाद हुई मुठभेड़ में उसके पैर में गोली लग गई। वहीं, मामले के एक अन्य आरोपी हरेराम को भी गिरफ्तार कर लिया गया है, जिसका पुलिसिया दबिश के दौरान पैर टूट गया। दोनों घायलों को इलाज के लिए जमुई सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया है। एडीजी (लॉ एंड ऑर्डर) ने इस कार्रवाई की आधिकारिक पुष्टि की है।
रिकंस्ट्रक्शन के दौरान भागने की कोशिश
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, मुख्य आरोपी नंदन यादव वही शख्स है जिसने वारदात के वक्त पहचान छिपाने के लिए चेहरे पर गमछा बांध रखा था। गिरफ्तारी के बाद पुलिस टीम जब उसे घटनाक्रम के सत्यापन (सीन रिकंस्ट्रक्शन) के लिए मौके पर ले जा रही थी, तभी उसने चकमा देकर भागने का प्रयास किया। जवाबी कार्रवाई में पुलिस को आत्मरक्षा में गोली चलानी पड़ी। इस पूरे मामले में पुलिस ने कुल 9 लोगों को नामजद आरोपी बनाया है। अब तक 5 आरोपियों को सलाखों के पीछे भेजा जा चुका है, जबकि बाकी बचे 4 आरोपियों की तलाश में लगातार छापेमारी जारी है।
कोचिंग से लौटते वक्त दरिंदों ने बनाया था शिकार
घटना शनिवार, 19 सितंबर की है। 10वीं कक्षा में पढ़ने वाले दो नाबालिग सहपाठी (लड़का और लड़की) कोचिंग के बाद पास की पहाड़ी की तरफ घूमने गए थे। इसी दौरान घात लगाकर बैठे 8-9 युवकों ने उन्हें घेर लिया। आरोपियों ने नाबालिग लड़की के साथ बदसलूकी और छेड़खानी की। पीड़िता के गिड़गिड़ाने और रहम की भीख मांगने के बावजूद दरिंदों का दिल नहीं पसीजा। आरोपियों ने इस घिनौनी करतूत का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया, जिससे पूरे देश में भारी आक्रोश फैल गया।राजनीतिक हलचल: प्रशांत किशोर ने सरकार को घेरा
मामले के तूल पकड़ते ही राज्य में सियासी बयानबाजी भी तेज हो गई है। जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर ने घटना पर गहरा दुख और गुस्सा जताते हुए नीतीश सरकार पर तीखा हमला बोला।
"यह बेहद दर्दनाक और रोंगटे खड़े कर देने वाली घटना है। एक मासूम बच्ची के साथ हुए इस जघन्य अपराध और उसके बाद वीडियो वायरल करने की दुस्साहस से साफ जाहिर होता है कि राज्य में अपराधियों के दिल से कानून और सरकार का खौफ पूरी तरह खत्म हो चुका है।" — प्रशांत किशोर, संस्थापक (जन सुराज)

