ब्रीथ एनालाइजर टेस्ट : सड़क हादसों पर लगाम के लिए अभियान, 5 भारी वाहन चालक नशे में मिले
रायगढ़-ओडिशा हाईवे पर यातायात पुलिस के विशेष जांच अभियान के दौरान पांच भारी वाहन चालक शराब के नशे में वाहन चलाते पकड़े गए। ब्रीथ एनालाइजर जांच के बाद सभी पर मोटर व्हीकल एक्ट की धारा 185 के तहत कार्रवाई करते हुए 10-10 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया। पुलिस ने कहा कि सड़क सुरक्षा से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में बढ़ते सड़क हादसों पर अंकुश लगाने के लिए यातायात पुलिस ने रायगढ़-ओडिशा राष्ट्रीय राजमार्ग पर विशेष जांच अभियान चलाया। इस दौरान पांच भारी वाहन चालक शराब के नशे में वाहन चलाते हुए पकड़े गए। ब्रीथ एनालाइजर से पुष्टि होने के बाद सभी चालकों पर 10-10 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया।
रायगढ़ जिला औद्योगिक गतिविधियों का प्रमुख केंद्र है, जिसके चलते यहां सुबह से लेकर देर रात तक भारी वाहनों का आवागमन बना रहता है। लगातार बढ़ते ट्रैफिक के कारण दुर्घटनाओं की आशंका भी बढ़ जाती है। कई बार ट्रक और अन्य भारी वाहन सड़क किनारे अव्यवस्थित तरीके से खड़े कर दिए जाते हैं, जिससे आम लोगों के लिए भी जोखिम पैदा होता है। इन्हीं परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए यातायात विभाग ने सघन जांच अभियान शुरू किया है।
गोगा राइस मिल के पास चलाया गया विशेष अभियान
यातायात पुलिस की टीम ने सारंगढ़ रोड स्थित ओडिशा हाईवे पर गोगा राइस मिल के समीप जांच चौकी लगाई। अभियान के दौरान दोनों दिशाओं से गुजरने वाले वाहनों को रोककर चालकों की जांच की गई। ब्रीथ एनालाइजर मशीन से परीक्षण के दौरान पांच भारी वाहन चालक शराब के प्रभाव में वाहन चलाते पाए गए। नशे में वाहन चलाते पाए गए सभी चालकों के खिलाफ मोटर व्हीकल एक्ट की धारा 185 के तहत प्रकरण दर्ज किया गया। इसके बाद मामलों को न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में प्रस्तुत किया गया, जहां प्रत्येक चालक पर 10-10 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया गया।
शराब पीकर वाहन चलाना गंभीर अपराध
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मोटर व्हीकल एक्ट की धारा 185 के अनुसार शराब या किसी नशीले पदार्थ के प्रभाव में वाहन चलाना कानूनन गंभीर अपराध माना जाता है। पहली बार दोषी पाए जाने पर छह माह तक की जेल, 10 हजार रुपये तक का जुर्माना या दोनों प्रकार की सजा दी जा सकती है।
यदि कोई चालक तीन वर्ष के भीतर दोबारा इसी अपराध में पकड़ा जाता है, तो उसे दो वर्ष तक की कैद या 15 हजार रुपये तक का जुर्माना भुगतना पड़ सकता है। इसके अलावा ड्राइविंग लाइसेंस को निलंबित या निरस्त करने की कार्रवाई भी की जा सकती है। सड़क दुर्घटना होने की स्थिति में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की अन्य धाराएं भी जोड़ी जा सकती हैं।
एसएसपी ने दी सख्त चेतावनी
रायगढ़ के एसएसपी शशि मोहन सिंह ने कहा कि शराब पीकर वाहन चलाना केवल चालक के लिए ही नहीं बल्कि सड़क पर चलने वाले अन्य लोगों के लिए भी जानलेवा साबित हो सकता है। उन्होंने वाहन चालकों से यातायात नियमों का पालन करने और नशे की हालत में वाहन न चलाने की अपील की। पुलिस प्रशासन का कहना है कि सड़क सुरक्षा को लेकर किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों और नशे में वाहन चलाने वालों के खिलाफ भविष्य में भी इसी तरह की सख्त कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।