खुलासा : ओडिशा से मुख्य महिला सप्लायर गिरफ्तार, पूरा नेटवर्क खंगाल रही पुलिस
रायगढ़ जिले के खरसिया थाना क्षेत्र में 52 किलो गांजा तस्करी मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए मुख्य महिला सप्लायर को ओडिशा से गिरफ्तार किया है। अप्रैल में पकड़े गए तीन तस्करों से पूछताछ के आधार पर यह खुलासा हुआ। आरोपियों ने बताया कि उन्हें गांजा संबलपुर रेलवे स्टेशन के पास रहने वाली महिला ने उपलब्ध कराया था, जिसे मध्यप्रदेश के बीना तक पहुंचाना था।
रायगढ़ जिले के खरसिया थाना क्षेत्र में अप्रैल माह के दौरान 52 किलो गांजा के साथ पकड़े गए तीन तस्करों से पूछताछ के बाद पुलिस ने इस मामले में बड़ी सफलता हासिल की है। जांच के दौरान पुलिस ने नेटवर्क से जुड़ी मुख्य महिला सप्लायर को ओडिशा से गिरफ्तार किया है, जिसे बाद में न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया।
22 अप्रैल को पुलिस को सूचना मिली थी कि कुछ युवक ओडिशा से बड़ी मात्रा में गांजा लेकर आ रहे हैं। इस सूचना के बाद पुलिस ने संभावित मार्गों पर निगरानी बढ़ा दी। इसी दौरान खरसिया रेलवे कॉलोनी क्षेत्र में तीन संदिग्ध युवक बड़े बैग लेकर घूमते हुए दिखाई दिए, जिन्हें पुलिस ने घेराबंदी कर पकड़ लिया।
गिरफ्तार युवकों की पहचान
पकड़े गए आरोपियों की पहचान दिनेश कुमार बेहरा (22), शिवा बेहरा (21) और देवी प्रसाद कंहर (19) के रूप में हुई, जो सभी कंधमाल, ओडिशा के रहने वाले हैं। पूछताछ में उन्होंने बताया कि वे ट्रेन के जरिए गांजा लेकर आ रहे थे, लेकिन रेलवे जांच की आशंका के चलते खरसिया स्टेशन पर उतर गए थे। तलाशी के दौरान तीनों के पास से कुल 52 किलो गांजा बरामद किया गया, जिसकी बाजार में अनुमानित कीमत करीब 25.62 लाख रुपये बताई गई। जांच के दौरान आरोपियों ने बताया कि उन्हें यह गांजा संबलपुर रेलवे स्टेशन के पास रहने वाली महिला सुभद्रा दिगल उर्फ मामी मलिक (41) ने दिया था। इसे मध्यप्रदेश के बीना तक पहुंचाने की जिम्मेदारी दी गई थी। तकनीकी जांच में भी मोबाइल नंबर महिला के नाम पर पंजीकृत पाया गया।
ओडिशा में छापेमारी कर गिरफ्तारी
सूचना के आधार पर रायगढ़ पुलिस ने कंधमाल जिले के गोच्छापाड़ा थाना क्षेत्र में स्थानीय पुलिस की मदद से दबिश दी और महिला सुभद्रा दिगल उर्फ मामी मलिक को हिरासत में लिया। पूछताछ में उसने गांजा सप्लाई करने की बात स्वीकार कर ली।
पुलिस ने आरोपी महिला के पास से घटना में इस्तेमाल मोबाइल फोन भी जब्त किया है। पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद उसके खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्रवाई की गई। न्यायिक रिमांड पर भेजा गया आरोपी
पूरे नेटवर्क पर पुलिस की नजर
एसएसपी शशिमोहन सिंह ने बताया कि “ऑपरेशन आघात” के तहत मादक पदार्थों की तस्करी में शामिल पूरे नेटवर्क पर सख्त कार्रवाई की जा रही है। पुलिस केवल वाहकों पर ही नहीं, बल्कि सप्लायर और आर्थिक लाभ लेने वाले सभी लोगों की पहचान कर कार्रवाई कर रही है। गिरफ्तारी के बाद महिला को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।