धान घोटाला : धान खरीदी केंद्र में 77 लाख की गड़बड़ी का खुलासा, जांच में 2,386 क्विंटल की कमी
कबीरधाम जिले के बम्हनी धान खरीदी केंद्र में करीब 77 लाख रुपये के धान घोटाले का मामला सामने आया है। जांच में राइस मिलों के नाम पर गलत तरीके से डिलीवरी ऑर्डर (DO) जारी कर ऑनलाइन रिकॉर्ड में धान के निर्गमन को दर्शाया गया, जबकि मौके पर भारी मात्रा में स्टॉक कम पाया गया। संयुक्त जांच दल की रिपोर्ट में 2,386.52 क्विंटल धान की कमी दर्ज की गई, जिसमें अधिकांश हिस्सा मोटे धान का था।
कबीरधाम जिले के बम्हनी धान खरीदी केंद्र में करीब 77 लाख रुपए के धान घोटाले का मामला सामने आया है। इस मामले ने प्रशासनिक व्यवस्था में गंभीर लापरवाही और संभावित मिलीभगत की ओर इशारा किया है।
जांच में सामने आया है कि राइस मिलों के नाम पर लगातार डिलीवरी ऑर्डर (DO) जारी किए जाते रहे, जबकि वास्तविक स्थिति इससे मेल नहीं खाती। आरोप है कि लगभग चार महीनों तक ऑनलाइन सिस्टम में धान के निर्गमन को गलत तरीके से दर्शाया जाता रहा, जिससे रिकॉर्ड और वास्तविक स्टॉक में बड़ा अंतर पैदा हो गया।
जांच में 2,386 क्विंटल धान की कमी
12 जून 2026 को संयुक्त जांच दल ने ऑनलाइन रिपोर्ट के आधार पर मौके पर भौतिक सत्यापन किया। जांच के दौरान कुल 2,386.52 क्विंटल धान कम पाया गया। इसमें अधिकांश हिस्सा मोटे धान का था, जो 2,205.62 क्विंटल है, जबकि बारीक धान की कमी लगभग 180 क्विंटल दर्ज की गई। जांच अधिकारियों का मानना है कि मोटा धान आसानी से दोबारा बाजार या अन्य माध्यमों में खपाया जा सकता है। ऐसे में आशंका जताई जा रही है कि या तो यह धान केंद्र तक पहुंचा ही नहीं, या फिर मिलर्स की मिलीभगत से इसे पहले ही कहीं और भेज दिया गया। पूरे मामले को एक सुनियोजित गड़बड़ी के रूप में भी देखा जा रहा है।
केंद्र प्रभारी सहित तीन लोगों पर FIR दर्ज
मामले की शिकायत और जांच रिपोर्ट के आधार पर रेंगाखार थाना पुलिस ने केंद्र प्रभारी समेत तीन लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है। पुलिस अब पूरे प्रकरण की विस्तृत जांच कर रही है और अन्य संभावित आरोपियों की भूमिका की भी पड़ताल की जा रही है।
इस घटना के सामने आने के बाद धान खरीदी व्यवस्था की पारदर्शिता, निगरानी तंत्र और जवाबदेही पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जांच में जो भी दोषी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।