महानदी क्षेत्र में प्रतिबंध के बावजूद जारी अवैध रेत खनन ने एक और परिवार की खुशियां छीन लीं। करमंदी गांव के पास हुए दर्दनाक सड़क हादसे में अवैध रेत से भरा ट्रैक्टर पलट गया, जिसमें दबकर ट्रैक्टर चालक की मौके पर ही मौत हो गई। यह हादसा तब हुआ जब एक तेज रफ्तार स्कॉर्पियो ने ट्रैक्टर को जोरदार टक्कर मार दी। जानकारी के अनुसार, मृतक की पहचान ग्राम भानसोज निवासी कन्हैया धीवर (24) के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि वह ट्रैक्टर में अवैध रूप से रेत भरकर परिवहन कर रहा था। करमंदी मोड़ पर अचानक हुई टक्कर के बाद ट्रैक्टर अनियंत्रित होकर सड़क पर पलट गया और कन्हैया उसके नीचे दब गया।
15 जून से एनजीटी के नियमों के तहत मानसून को देखते हुए सभी रेत घाटों पर पूर्ण प्रतिबंध लागू है, लेकिन इसके बावजूद आरंग क्षेत्र के कुरूद, चिखली, मोहमेला, हरदीडीह और करमंदी इलाके में अवैध खनन बेरोकटोक जारी है। ग्रामीणों का आरोप है कि यहां दिन-रात नदियों से रेत निकाली जा रही है और हजारों ट्रैक्टरों के जरिए उसका अवैध परिवहन हो रहा है।
बेलगाम रफ्तार और नाबालिग चालकों का खतरनाक खेल
स्थानीय लोगों के मुताबिक, रेत से भरे ट्रैक्टर और अन्य वाहन सड़कों पर मौत बनकर दौड़ रहे हैं। सबसे गंभीर बात यह है कि कई वाहनों को बिना लाइसेंस और नाबालिग चालक चला रहे हैं। कमाई के लालच में माफिया खुलेआम सुरक्षा नियमों की धज्जियां उड़ा रहे हैं, जिससे हादसों का खतरा लगातार बढ़ रहा है। ग्रामीणों ने कई बार प्रशासन और मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 पर शिकायत दर्ज कराई है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। लोगों का आरोप है कि शिकायतों के बावजूद प्रशासन की चुप्पी इस अवैध कारोबार को अप्रत्यक्ष संरक्षण दे रही है, जिससे माफियाओं के हौसले और बढ़ गए हैं।आरंग में बढ़ता तनाव, क्या दोहराएगा कोरिया जैसा दर्दनाक इतिहास
क्षेत्र में रेत कारोबार को लेकर तनाव लगातार बढ़ रहा है। इससे पहले भी कुरूद में वर्चस्व की लड़ाई में हिंसक घटनाएं हो चुकी हैं। अब स्थानीय लोगों को डर है कि स्थिति कहीं और गंभीर न हो जाए। हाल ही में कोरिया जिले के सोनहत क्षेत्र में रेत विवाद ने भयावह रूप ले लिया था, जहां तीन लोगों की बेरहमी से हत्या कर उन्हें जिंदा जला दिया गया था। इसी घटना का जिक्र करते हुए लोग आशंका जता रहे हैं कि यदि समय रहते सख्त कदम नहीं उठाए गए, तो ऐसे हालात दोबारा बन सकते हैं। कन्हैया धीवर की मौत ने एक बार फिर अवैध रेत खनन की सच्चाई को उजागर कर दिया है। सवाल यह है कि क्या प्रशासन अब सख्त कार्रवाई करेगा या फिर किसी और बड़े हादसे का इंतजार किया जाएगा।