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बिलासपुर जमीन ठगी मामला
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बिलासपुर

फर्जी दस्तावेजों से जमीन सौदे का आरोप, 7 लाख रुपए हड़पने पर मामला दर्ज

बिलासपुर के कोतवाली थाना क्षेत्र में दान की गई जमीन को बेचने के नाम पर धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। आरोप है कि खपरगंज निवासी दो लोगों ने फर्जी दस्तावेज और जरूरी जानकारी छिपाकर एक महिला से सात लाख रुपए ले लिए। पुलिस ने बीएनएस की धारा 3(5) और 318(4) के तहत मामला दर्ज कर जमीन के दस्तावेजों और बैंक रिकॉर्ड की जांच शुरू कर दी है।

कीर्तिमान डेस्क
प्रकाशित: 06 Aug 2026, 04:08 PM · अपडेट: 30 Oct 2026, 01:04 PM
बिलासपुर
AI द्वारा तैयार ~1 मिनट सारांश
कोतवाली थाना क्षेत्र में दान की गई जमीन को बेचने के नाम पर धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। आरोप है कि जमीन के दस्तावेजों में गड़बड़ी और जरूरी जानकारी छिपाकर एक महिला से सात लाख रुपए ले लिए गए और हम बता दे कि शिकायत के आधार पर पुलिस ने खपरगंज निवासी नबी बक्श और मोहम्मद कासिम के खिलाफ अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
कश्यप कॉलोनी निवासी संजना वर्मा ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि आरोपितों ने खपरगंज स्थित 3120 वर्गफुट जमीन को अपनी दिवंगत दादी बसारत बी के नाम दर्ज बताते हुए बेचने की पेशकश की थी। इसके बाद 18 अक्टूबर 2024 को दोनों पक्षों के बीच नोटरी के जरिए इकरारनामा किया गया। जमीन का सौदा एक करोड़ 60 लाख रुपए में तय हुआ था। सौदे के तहत संजना वर्मा ने अग्रिम राशि के रूप में सात लाख रुपए चेक के माध्यम से आरोपितों को दिए थे।

जांच में सामने आई दस्तावेजों में गड़बड़ी

शिकायतकर्ता के अनुसार, बाद में उन्होंने नजूल विभाग से जमीन के रिकॉर्ड की जानकारी ली, जिसमें कई अहम बातें सामने आईं। जांच में पता चला कि जमीन से जुड़े दस्तावेज संदिग्ध हैं और नामांतरण का मामला नजूल न्यायालय द्वारा वर्ष 2025 में पहले ही खारिज किया जा चुका था। इसके बावजूद आरोपितों ने जमीन को वैध बताते हुए उसका सौदा कर लिया। संजना वर्मा का आरोप है कि जब उन्होंने अपने सात लाख रुपए वापस मांगे तो आरोपितों ने चेक दिए, लेकिन बैंक में पर्याप्त राशि नहीं होने के कारण दोनों चेक बाउंस हो गए। इसके बाद कराई गई जांच में यह भी सामने आया कि जिस जमीन का क्षेत्रफल 3120 वर्गफुट बताया गया था, उसका वास्तविक रकबा केवल 430 वर्गफुट ही है।

गलत दस्तावेजों के आधार पर जमीन का सौदा

शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया है कि संबंधित जमीन को बसारत बी ने वर्ष 1970 में वक्फनामे के जरिए एक संस्था को दान कर दिया था। आरोप है कि इस महत्वपूर्ण तथ्य को छिपाकर गलत दस्तावेजों के आधार पर जमीन का सौदा किया गया और रुपए ले लिए गए। कोतवाली पुलिस ने शिकायत के आधार पर नबी बक्श और मोहम्मद कासिम के खिलाफ बीएनएस की धारा 3(5) और 318(4) के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस दस्तावेजों, बैंक रिकॉर्ड और जमीन से जुड़े अन्य अभिलेखों की जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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