CG Farmers News: छत्तीसगढ़ के ग्रामीण अंचल में इस समय किसानों की महीनों की मेहनत रंग लाती साफ नजर आ रही है। खेतों में लहलहाती हरहुना धान की फसल अब कटाई के लिए पूरी तरह तैयार है। सुनहरी बालियों का भारी वजन इस बात की गवाही दे रहा है कि इस सीजन में पैदावार काफी शानदार रहने वाली है। हालांकि, खेतों में अब भी बनी नमी और कीचड़ की वजह से किसानों के लिए कटाई करना एक बड़ी चुनौती बन गया है।
गीले खेतों के कारण धान कटाई में देरी
स्थानीय किसानों का कहना है कि पिछले दिनों हुई हल्की बारिश और नहरों में पानी छोड़े जाने के कारण खेतों में पानी भरा हुआ है। हालात ऐसे हैं कि खेतों में हार्वेस्टर या ट्रैक्टर ले जाना तो दूर, पारंपरिक तरीके से हंसिए से हाथ से कटाई करना भी काफी मुश्किल हो रहा है। किसानों को उम्मीद है कि अगर अगले दो-तीन दिनों तक अच्छी धूप निकल आती है, तो खेत जल्दी सूख जाएंगे और दीपावली के पावन पर्व से ठीक पहले कटाई का काम आसानी से पूरा हो जाएगा। इस बार हरहुना किस्म का औसत उत्पादन पिछले साल की तुलना में बेहतर रहने की उम्मीद है।
किसानों में है दोगुनी खुशी की उम्मीद
फसल की स्थिति को लेकर एक स्थानीय किसान ने संतोष जताते हुए कहा, "फसल बहुत बढ़िया हुई है, यह सब भगवान की कृपा है। बस अब जमीन के सूखने का इंतजार है। दीपावली से पहले नया चावल घर आ जाएगा, इससे बड़ी खुशी हमारे लिए और क्या हो सकती है।" इस बार किसान इस बात को लेकर भी खासे उत्साहित हैं कि वे दीपावली की लक्ष्मी पूजा में अपने ही खेतों के नए धान से बने चावल का प्रसाद या उपयोग कर सकेंगे।कृषि विशेषज्ञों की सलाह
दूसरी ओर, कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को सलाह दी है कि वे गीले खेतों में जल्दबाजी करने से बचें। जानकारों के मुताबिक, यदि गीली या दलदली जमीन में फसल काट ली जाती है, तो धान में नमी की मात्रा अधिक बनी रह सकती है। इससे मंडियों में फसल बेचने के दौरान उचित मूल्य मिलने में परेशानी हो सकती है। विशेषज्ञों का मानना है कि समझदारी इसी में है कि खेत के पूरी तरह सूखने का थोड़ा इंतजार किया जाए, ताकि धान की गुणवत्ता अच्छी रहे और किसानों को सही दाम मिल सके। प्रकृति के इस थोड़े से इंतजार के बाद, उम्मीद है कि आरंग और आसपास के ग्रामीण अंचल में इस बार की दीपावली किसानों के जीवन में दोगुनी खुशियां लेकर आएगी।
रिपोर्ट - मोहनदास मानिकपुरी







