तीन दिवसीय उत्सव और 41 पुरस्कारों का वितरण
इस बार कुल 41 पुरस्कार वितरित किए जाएंगे, जिनमें:
संस्कृति विभाग के अंतर्गत 14 पुरस्कार
अन्य विभिन्न विभागों के अंतर्गत 27 पुरस्कार शामिल हैं।
यह अलंकरण समारोह देश के केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की विशेष मौजूदगी में आयोजित किया जाएगा। कला, संस्कृति, साहित्य, पत्रकारिता, खेल, कृषि, समाजसेवा, महिला सशक्तिकरण, सहकारिता, श्रमिक कल्याण और सामाजिक जागरूकता जैसे तमाम महत्वपूर्ण क्षेत्रों में बेहतरीन कार्य करने वालों को यह सम्मान दिया जाएगा। गौरतलब है कि पिछले साल यह पुरस्कार 34 श्रेणियों में दिए गए थे, जिन्हें इस बार और व्यापक किया गया है।
जय जोहार! जय छत्तीसगढ़ महतारी! प्रभु श्रीराम के ननिहाल, माता कौशल्या की पावन धरा, जनजातीय गौरव और समृद्ध लोकसंस्कृति से परिपूर्ण छत्तीसगढ़ ने अपनी 26 वर्षों की यात्रा में संघर्षों को संभावनाओं और संभावनाओं को उपलब्धियों में बदलते हुए देश के विकास मानचित्र पर विशिष्ट पहचान बनाई है। इस गौरवपूर्ण अवसर पर मैं श्रद्धेय 'भारत रत्न' अटल बिहारी वाजपेयी जी का पुण्य स्मरण करता हूँ, जिनके दूरदर्शी नेतृत्व और दृढ़ संकल्प से छत्तीसगढ़ राज्य का सपना साकार हुआ और हमारी आशाओं, आकांक्षाओं को नई पहचान मिली। हमारी सुशासन सरकार श्रद्धेय अटल जी के सपनों का 'विकसित-समृद्ध छत्तीसगढ़' बनाने की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है। राज्य स्थापना दिवस के इस गौरवपूर्ण अवसर पर समस्त प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ। आइए, माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में हम सब मिलकर अपने 'छत्तीसगढ़ अंजोर विजन 2047' के संकल्प को और मजबूत करें। @narendramodi #CGRajyotsav2026
— Vishnu Deo Sai (@vishnudsai) November 1, 2026
इस बार जोड़े गए दो नए सम्मान
इस साल के राज्य अलंकरण समारोह की एक और खास बात यह है कि इसमें दो नए सम्मानों को जोड़ा गया है। महान पंडवानी गायिका स्वर्गीय तीजन बाई और संत रविदास के नाम पर इन नए पुरस्कारों की शुरुआत की जा रही है। इन दोनों प्रतिष्ठित सम्मानों को पहली बार राज्य अलंकरण सूची में शामिल किया गया है, जो छत्तीसगढ़ की संस्कृति और सामाजिक चेतना के प्रति राज्य सरकार के समर्पण को दर्शाता है।






