Chhattisgarh Health News: इस मानसूनी सीजन के दौरान स्वाइन फ्लू (H1N1) के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी ताजा आंकड़ों (1 जनवरी से 27 अगस्त) के मुताबिक, प्रदेश में अब तक कुल 105 लोगों में इस संक्रमण की पुष्टि हो चुकी है। राहत की बात यह है कि इनमें से अधिकांश मरीज इलाज के बाद ठीक हो चुके हैं, जबकि फिलहाल राज्य में 18 मरीज ही एक्टिव हैं और उनका इलाज जारी है। आंकड़ों पर नजर डालें तो राजधानी रायपुर में स्वाइन फ्लू का प्रकोप सबसे ज्यादा देखा जा रहा है। जिले में अब तक 51 पॉजिटिव मरीज मिल चुके हैं, जिनमें से 6 मरीजों का अभी भी इलाज चल रहा है।
रायपुर के बाद बिलासपुर और धमतरी में भी मामले दर्ज किए गए हैं:
बिलासपुर: कुल 12 संक्रमितों में से 2 एक्टिव मरीज हैं।
धमतरी: कुल 7 मामलों में से 4 मरीज अभी भी एक्टिव हैं।
दुर्ग: 7 संक्रमित मिले हैं, जिनमें से 2 का इलाज चल रहा है।
रायगढ़: 5 में से 2 मरीज एक्टिव हैं।
कोरबा और बेमेतरा: दोनों जिलों में क्रमश: 5 और 3 मामले दर्ज किए गए, जहाँ 1-1 मरीज का इलाज जारी है।
16 जिलों में स्वाइन फ्लू की स्थिति नियंत्रण में
इसके अलावा बस्तर, राजनांदगांव, जांजगीर-चांपा, सरगुजा, गरियाबंद, जशपुर, महासमुंद और सूरजपुर जैसे जिलों में भी 1 से 2 मरीज सामने आए थे, लेकिन अच्छी बात यह है कि इन जिलों में अब एक भी एक्टिव केस नहीं है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, राज्य के 16 जिलों में स्वाइन फ्लू की स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है। बालौदाबाजार, बालोद, कबीरधाम, मुंगेली, बीजापुर, सुकमा, नारायणपुर, और उत्तर बस्तर कांकेर जैसे जिलों में फिलहाल संक्रमण का कोई भी सक्रिय मामला दर्ज नहीं हुआ है।
भीड़-भाड़ वाली जगहों पर करें मास्क का उपयोग
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक, बदलते मौसम में तेज बुखार, सर्दी-खांसी, सांस लेने में तकलीफ और गले में खराश जैसे लक्षणों को नजरअंदाज न करें। यदि ये लक्षण दिखाई दें, तो तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में जाकर जांच कराएं और डॉक्टर की सलाह से दवा लें। भीड़-भाड़ वाली जगहों पर मास्क का प्रयोग और हाथों की स्वच्छता बनाए रखना बचाव का सबसे प्रभावी तरीका है।