Sunday, 01 Nov 2026 भारत
ब्रेकिंग
INDIA Alliance Rally: महारैली को लेकर दिल्ली में हाई अलर्ट, रामलीला मैदान में 4 हजार से ज्यादा पुलिसकर्मी तैनात Murder Case: रास्ते के विवाद ने लिया खूनी रूप, ट्रैक्टर चढ़ाने और कुल्हाड़ी के हमले में महिला की मौत Bus Accident: बीजापुर-दुर्ग मार्ग पर अनियंत्रित होकर पलटी यात्री बस, तीन महिलाओं और दो बच्चों समेत 5 घायल Raipur Food Department Raid: दूषित मिठाई और ब्रेड पर बड़ा एक्शन, 3 दुकानों के लाइसेंस सस्पेंड, कीड़े मिला दूध और ब्रेड पर रेंगते दिखे चूहे Ujjain Hotel Accident: वेस्टेज चैंबर में जहरीली गैस से 4 कर्मचारियों की मौत Gambling Raid: गुड़रूपारा और खैरा में जुआरियों पर शिकंजा, दो अलग-अलग मामलों में 17 आरोपी गिरफ्तार और लाखों की संपत्ति जब्त INDIA Alliance Rally: महारैली को लेकर दिल्ली में हाई अलर्ट, रामलीला मैदान में 4 हजार से ज्यादा पुलिसकर्मी तैनात Murder Case: रास्ते के विवाद ने लिया खूनी रूप, ट्रैक्टर चढ़ाने और कुल्हाड़ी के हमले में महिला की मौत Bus Accident: बीजापुर-दुर्ग मार्ग पर अनियंत्रित होकर पलटी यात्री बस, तीन महिलाओं और दो बच्चों समेत 5 घायल Raipur Food Department Raid: दूषित मिठाई और ब्रेड पर बड़ा एक्शन, 3 दुकानों के लाइसेंस सस्पेंड, कीड़े मिला दूध और ब्रेड पर रेंगते दिखे चूहे Ujjain Hotel Accident: वेस्टेज चैंबर में जहरीली गैस से 4 कर्मचारियों की मौत Gambling Raid: गुड़रूपारा और खैरा में जुआरियों पर शिकंजा, दो अलग-अलग मामलों में 17 आरोपी गिरफ्तार और लाखों की संपत्ति जब्त
W 𝕏 f
होम › कारोबार › Chhattisgarh Investment: 9 लाख करोड़ के निवेश से …
Emerging modern industrial hub with IT and green energy investments(Image Source: Keertiman Media)
Emerging modern industrial hub with IT and green energy investments(Image Source: Keertiman Media)
कारोबार Featured

Chhattisgarh Investment: 9 लाख करोड़ के निवेश से बदल रही तस्वीर, एआई और सेमीकंडक्टर तक फैला दायरा

Chhattisgarh Investment: पिछले तीन वर्षों के दौरान 9 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव मिले हैं। सेमीकंडक्टर, आईटी, ग्रीन एनर्जी, इलेक्ट्रॉनिक्स और डेटा सेंटर जैसे क्षेत्रों में नए प्रोजेक्ट्स से करीब 1.75 लाख युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा होने की उम्मीद है। राज्य सरकार औद्योगिक विकास नीति 2024-2030 के तहत प्रदेश को आधुनिक औद्योगिक और टेक्नोलॉजी हब के रूप में विकसित करने पर जोर दे रही है।

अप्पू धीवर |  कीर्तिमान न्यूज
प्रकाशित: 01 Nov 2026, 08:17 AM · 4 मिनट पढ़ने का समय
रायपुर
AI द्वारा तैयार ~1 मिनट सारांश
Chhattisgarh Investment: खनिज और कोर सेक्टर की पारंपरिक पहचान से आगे बढ़कर छत्तीसगढ़ अब देश के एक नए और आधुनिक औद्योगिक हब के रूप में तेजी से उभर रहा है। पिछले तीन वर्षों में राज्य को 9 लाख करोड़ रुपये से अधिक के बंपर निवेश प्रस्ताव मिले हैं, जिनमें से कई बड़ी परियोजनाओं पर काम भी शुरू हो चुका है। अनुमान है कि इन प्रोजेक्ट्स के धरातल पर उतरने से राज्य के पौने दो लाख युवाओं के लिए रोजगार के नए द्वार खुलेंगे। कभी सिर्फ कोयला, स्टील और सीमेंट तक सीमित रहने वाला यह राज्य अब भविष्य की तकनीकों—जैसे सेमीकंडक्टर, आईटी और ग्रीन एनर्जी—की ओर आत्मविश्वास से कदम बढ़ा रहा है।

भविष्य के उद्योगों पर सरकार का खास फोकस 

राज्य सरकार अपनी औद्योगिक विकास नीति (2024-2030) के तहत छत्तीसगढ़ के औद्योगिक आधार में विविधता लाने में जुटी है। पारंपरिक उद्योगों के साथ-साथ अब आईटी, एआई (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस), फार्मा, टेक्सटाइल और ग्रीन एनर्जी जैसे सेक्टर्स को विशेष प्रोत्साहन दिया जा रहा है।
  • सेमीकंडक्टर और टेक हब: प्रदेश में लगभग 1,100 करोड़ रुपये की लागत वाली सेमीकंडक्टर परियोजना पर काम जारी है। नवा रायपुर को एक हाई-टेक आधुनिक टेक्नोलॉजी हब के रूप में विकसित किया जा रहा है, जहाँ उद्योगों के अनुकूल बेहतरीन इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार किया जा रहा है।

  • लॉजिस्टिक्स और रेल नेटवर्क: मध्य भारत के केंद्र में स्थित छत्तीसगढ़ एक मजबूत लॉजिस्टिक्स हब बनता जा रहा है। राज्य में फिलहाल 51,080 करोड़ रुपये की रेल परियोजनाएं चल रही हैं। इससे न केवल परिवहन लागत घटेगी, बल्कि ऊर्जा क्षेत्र को मजबूती मिलेगी और किसानों को अपने उत्पादों के लिए बेहतर बाजार मिल सकेगा।

  • इतिहास के पन्नों से लेकर आज के आधुनिक मुकाम तक

    छत्तीसगढ़ का औद्योगिक सफर बेहद दिलचस्प रहा है। साल 1960 से पहले पूरे क्षेत्र में बड़े और मध्यम उद्योगों की संख्या महज चार थी, जो 1990 से 2000 के बीच बढ़कर 165 हो गई।

    यदि ऐतिहासिक मील के पत्थरों की बात करें, तो इसकी शुरुआत बहुत पहले हो चुकी थी:

    • 1896: राजनांदगांव में 'बंगाल नागपुर कॉटन मिल' की स्थापना।

    • 1935: रायगढ़ में जूट मिल की शुरुआत।

    • 1955: भारत और तत्कालीन सोवियत संघ के समझौते के तहत ऐतिहासिक 'भिलाई इस्पात संयंत्र' की स्थापना (2 फरवरी)।

    • 1965 & 1967-68: बिलासपुर (कोरबा) में बालको एल्युमीनियम संयंत्र और रायपुर में रेलवे वैगन वर्कशॉप की शुरुआत।

    आज स्थिति पूरी तरह बदल चुकी है। वर्तमान में प्रदेश में 80,000 से अधिक एमएसएमई इकाइयां और 98,000 से ज्यादा बड़े व मध्यम आकार के उद्योग स्थापित हैं। छत्तीसगढ़ राज्य औद्योगिक विकास निगम के तहत 1,983 उद्योग पंजीकृत हैं, जबकि सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों का कुल आंकड़ा 4,61,400 को पार कर चुका है। रायपुर के उरला-सिलतरा, भिलाई-दुर्ग के बोरई, बिलासपुर के सिरगिट्टी और कोरबा आज राज्य के प्रमुख औद्योगिक और खनिज केंद्र बन चुके हैं।

    बड़े निवेश और नए रोजगार के अवसर

    हालिया निवेश प्रस्तावों की बात करें तो जमीन पर बड़े बदलाव दिखने लगे हैं:

    • नवा रायपुर में राज्य की पहली कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स निर्माण इकाई स्थापित हो रही है, जिसमें 152.74 करोड़ रुपये का निवेश आ रहा है और इससे करीब 3,500 युवाओं को रोजगार मिलने की उम्मीद है।

    • यश फैन्स एंड एप्लायंसेस लिमिटेड में 150 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश का प्रस्ताव है, जिससे इतने ही युवाओं के लिए आजीविका के रास्ते खुलेंगे।

    • ग्रीन स्टील सेक्टर में 13,840 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्तावों से लगभग 11,000 प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार सृजित होने की संभावना है।

    • हाल ही में सिंगापुर प्रवास के दौरान हुए समझौतों के तहत, राज्य में 41,750 करोड़ रुपये के एआई-रेडी डेटा सेंटर कैंपस और कौशल विकास से जुड़ी हरित परियोजनाओं पर भी सहमति बनी है।

    वनों की संपदा और वैल्यू एडिशन से बदलेगी तकदीर 

    1 नवंबर 2000 को मध्य प्रदेश से अलग होकर वजूद में आए छत्तीसगढ़ का 44 प्रतिशत से अधिक भू-भाग वनाच्छादित है। शुरुआती ढाई दशकों तक खनिज संपदा पर केंद्रित रहने के बाद, अब राज्य अपनी प्राकृतिक धरोहर का सही इस्तेमाल करने की ओर बढ़ रहा है। इमली, महुआ, चिरौंजी, हर्रा-बहेड़ा और अन्य औषधीय संसाधनों का सही प्रसंस्करण (Processing) और वैल्यू एडिशन वनांचल के इलाकों में बड़े पैमाने पर रोजगार पैदा कर सकता है। इससे स्थानीय और जनजातीय परिवारों की आय में उल्लेखनीय सुधार होगा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिलेगी। पारंपरिक खदानों की धूल से लेकर एआई और डेटा सेंटर्स की चमक तक, छत्तीसगढ़ का यह सफर इस बात का गवाह है कि राज्य एक नई आर्थिक उड़ान भरने के लिए पूरी तरह तैयार है।
    क्या यह खबर उपयोगी लगी?
    शेयर करें अपने दोस्तों तक पहुंचाएं
    WhatsApp Telegram
    इस लेख में कोई त्रुटि दिखी? सुधार का अनुरोध करें
    हमारे WhatsApp ग्रुप से जुड़ें — ताज़ा खबरें सबसे पहले पाएं!
    कीर्तिमान
    छत्तीसगढ़ ▾
    सभी छत्तीसगढ़ ›
    रायपुर संभाग ▾
    दुर्ग संभाग ▾
    बिलासपुर संभाग ▾
    सरगुजा संभाग ▾
    बस्तर संभाग ▾
    देश ▾
    विदेश
    सरकारी सूचना ▾
    राजनीति ▾
    खेल ▾
    मनोरंजन ▾
    कारोबार ▾
    कीर्तिमान विशेष ▾
    तकनीक शिक्षा सेहत धर्म यात्रा राशिफल डार्क/लाइट मोड डॉ. नीरज गजेंद्र डॉ. नीरज गजेंद्र
    वीडियो
    अभी कोई वीडियो उपलब्ध नहीं है
    अभी कोई रील उपलब्ध नहीं है
    टिप्पणियाँ
    शेयर करें
    Clip & Share

    अगली खबर के लिए ऊपर और पिछली खबर के लिए नीचे स्वाइप करें

    सावधान: संवेदनशील सामग्री
    इस अनुभाग में अपराध, हिंसा, दुर्घटना या अन्य संवेदनशील विषयों से संबंधित समाचार हो सकते हैं। क्या आप इसे देखना चाहते हैं?
    ताज़ा खबरें सबसे पहले पाएं!
    पुश नोटिफिकेशन चालू करें