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बागबाहरा सेजेस स्कूल की दीवारों में करंट
बागबाहरा सेजेस स्कूल की दीवारों में करंट
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बच्चों की जान से खिलवाड़ : सेजेस स्कूल में बाल-बाल बचे छात्र, 5 दिन बाद जागा बिजली विभाग

बागबाहरा स्थित स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम स्कूल में कक्षा संचालन के दौरान दीवारों में करंट उतरने का मामला सामने आया। कक्षा 5वीं में पढ़ा रहे शिक्षक को दीवार छूने पर झटका लगा, जिसके बाद उन्होंने तुरंत बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। सूचना के बाद बिजली विभाग को जानकारी दी गई, लेकिन कार्रवाई में देरी को लेकर पालकों और शाला विकास समिति ने नाराजगी जताई।

कीर्तिमान डेस्क
प्रकाशित: 06 Aug 2026, 08:44 AM · अपडेट: 14 Sep 2026, 11:11 PM
महासमुंद
AI द्वारा तैयार ~1 मिनट सारांश
स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम स्कूल (सेजेस) में एक बड़ी घटना होने से बाल-बाल बचा। शुक्रवार, 31 जुलाई को पढ़ाई के दौरान स्कूल की दीवारों में अचानक करंट आ गया। गनीमत रही कि समय रहते इस पर ध्यान चला गया और बच्चों को सुरक्षित स्कूल से बाहर निकाल लिया गया, नहीं तो एक बड़ा हादसा हो सकता था।
यह घटना उस वक्त की है जब कक्षा 5वीं में शिक्षक पटेल बच्चों को पढ़ा रहे थे। पढ़ाई के दौरान जैसे ही उनका हाथ कमरे की दीवार से छुआ, उन्हें जोर का झटका लगा। दीवार में करंट की आशंका होते ही पटेल ने तुरंत सूझबूझ दिखाई और कक्षा चौथी व पाँचवीं के सभी बच्चों को सुरक्षित कक्षा से निकालकर दूसरे कमरे में ले जाया गया। इसके बाद तुरंत प्राचार्य को पूरे मामले से अवगत कराया गया।

5 दिनों बाद जागा बिजली विभाग

प्राचार्य ने मामले की गंभीरता को देखते हुए बीईओ और बिजली विभाग को तुरंत सूचना दी। आरोप है कि इसके बावजूद बिजली विभाग 'शहरी और ग्रामीण क्षेत्र' के सीमा विवाद का बहाना बनाकर टालमटोल करता रहा। दूसरे दिन बिजली विभाग की टीम यह कहकर लौट गई कि उनके पास इंसुलेटेड ग्लव्स नहीं हैं। दूसरे दिन भी कोई झांकने तक नहीं आया।  एक शिक्षक ने परेशान होकर 1076 टोल-फ्री हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराई और मामले में स्थानीय पत्रकारों व शाला विकास समिति ने हस्तक्षेप किया, तब जाकर 5 दिन बाद बिजली विभाग के कर्मचारी जागे और मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया।

स्कूल की दीवारों में करंट
समस्या के बजाय औपचारिकताओं में उलझे प्राचार्य

इस लापरवाही को लेकर शाला विकास समिति के अध्यक्ष संजय मालवे ने सीधे तौर पर प्राचार्य को कटघरे में खड़ा किया है। उनका कहना है कि प्राचार्य किसी बड़ी अनहोनी का इंतजार कर रही थीं और उन्होंने समय पर ठोस कदम नहीं उठाए। वहीं अरविंद छाबड़ा, सिंकू बग्गा, तुलसी यादव ने भी गहरा असंतोष व्यक्त करते हुए आरोप लगाया है कि जब स्कूल में बच्चों की जान खतरे में थी, तब स्कूल प्रशासन बिजली की इस गंभीर समस्या का समाधान कराने के बजाय पालक समिति के गठन की औपचारिकताओं में उलझा हुआ था।

सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल

शाला विकास समिति और स्थानीय लोगों के कड़े रुख के बाद बुधवार को बिजली विभाग ने सुधार कार्य शुरू तो कर दिया है, लेकिन सरकारी स्कूल में हुई इस गंभीर लापरवाही ने सुरक्षा व्यवस्था पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। अभिभावकों ने मांग की है कि इस पूरे ढुलमुल रवैये की जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए ताकि भविष्य में बच्चों की सुरक्षा से खिलवाड़ न हो।
आरोप बेबुनियाद
समय रहते ही मैंने जानकारी संबंधित विभागों को दी है, शाला प्रबंधन अध्यक्ष द्वारा लगाए गए आरोप बेबुनियाद है - सुषमा बडा प्राचार्य सेजेस बागबाहरा
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