स्कॉटलैंड के ग्लास्गो में आज से कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 की शुरुआत हो रही है। पिछली बार 2022 में इंग्लैंड के बर्मिंघम में हुए खेलों के मुकाबले इस बार आयोजन का स्वरूप काफी बदल गया है। कई लोकप्रिय खेलों को इस बार प्रतियोगिता से बाहर कर दिया गया है, जिसमें क्रिकेट भी शामिल है।
बर्मिंघम कॉमनवेल्थ गेम्स 2022 में पहली बार महिला क्रिकेट को शामिल किया गया था। टी20 फॉर्मेट में खेले गए इस टूर्नामेंट में भारतीय महिला टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए सिल्वर मेडल जीता था। हालांकि, ग्लास्गो गेम्स 2026 में क्रिकेट को जगह नहीं मिली है।
आर्थिक और लॉजिस्टिक वजहों से क्रिकेट हुआ बाहर
क्रिकेट को कॉमनवेल्थ गेम्स से हटाने के पीछे मुख्य कारण आर्थिक और व्यवस्थागत चुनौतियां बताई जा रही हैं। दरअसल, 2026 गेम्स की मेजबानी पहले ऑस्ट्रेलिया के विक्टोरिया राज्य को मिली थी, लेकिन बढ़ती लागत के चलते राज्य सरकार ने 2023 में आयोजन से पीछे हटने का फैसला किया। इसके बाद सितंबर 2024 में स्कॉटलैंड के ग्लास्गो को नया मेजबान चुना गया। कम समय में आयोजन की तैयारी पूरी करने के लिए कई बड़े खेलों को हटाने का फैसला लिया गया।क्रिकेट के साथ 9 अन्य खेल भी नहीं होंगे शामिल
बर्मिंघम कॉमनवेल्थ गेम्स 2022 में कुल 19 खेलों का आयोजन हुआ था, लेकिन ग्लास्गो 2026 में सिर्फ 10 खेल ही शामिल किए गए हैं। क्रिकेट के अलावा हॉकी, बैडमिंटन, स्क्वाश, टेबल टेनिस, ट्रायथलॉन, रेसलिंग, बीच वॉलीबॉल और रग्बी सेवन जैसे खेल भी इस बार कार्यक्रम का हिस्सा नहीं हैं। भारत ने 2022 में इन खेलों में शानदार प्रदर्शन किया था और कई पदक अपने नाम किए थे। भारतीय खिलाड़ियों ने रेसलिंग में 12, टेबल टेनिस में 7 और बैडमिंटन में 6 मेडल जीते थे।