Commonwealth Kabaddi Championship: भारत का डबल धमाका, पुरुष और महिला दोनों टीमों ने जीता गोल्ड
Commonwealth Kabaddi Championship: ऐतिहासिक प्रदर्शन करते हुए पुरुष और महिला दोनों वर्गों का खिताब जीत लिया। पुरुष टीम ने फाइनल में श्रीलंका को 54-20 से हराया, जबकि महिला टीम ने युगांडा को 35-15 से शिकस्त देकर गोल्ड मेडल अपने नाम किया। खास बात यह रही कि दोनों भारतीय टीमें पूरे टूर्नामेंट में अजेय रहीं।
प्रकाशित: 01 Nov 2026, 10:22 AM· 5 मिनट पढ़ने का समय
अहमदाबाद
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Commonwealth Kabaddi Championship: शानदार प्रदर्शन करते हुए पुरुष और महिला, दोनों वर्गों का खिताब अपने नाम कर लिया। शनिवार (31 अक्टूबर) को खेले गए फाइनल मुकाबलों में भारतीय पुरुष टीम ने श्रीलंका को 54-20 से हराया, जबकि महिला टीम ने युगांडा को 35-15 से मात देकर स्वर्ण पदक जीता।
इस जीत के साथ भारत ने पहली बार आयोजित इस चैंपियनशिप में दोहरी सफलता हासिल की। खास बात यह रही कि दोनों ही भारतीय टीमें पूरे टूर्नामेंट में अजेय रहीं। पुरुष टीम ने लगातार आठ मुकाबले जीतकर ट्रॉफी उठाई, वहीं महिला टीम ने अपने सभी छह मैच जीतकर चैंपियन बनने का गौरव हासिल किया।
फाइनल में श्रीलंका पर शुरू से भारी रही भारतीय पुरुष टीम
पुरुष वर्ग के फाइनल में एशियन चैंपियन भारत ने शुरुआत से ही आक्रामक खेल दिखाया। भारतीय रेडर्स और डिफेंडर्स के सामने श्रीलंकाई खिलाड़ी टिक नहीं सके। आदित्य शिंदे ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 14 रेड में 10 अंक हासिल किए और सुपर-10 पूरा किया। उनके खाते में चार बोनस अंक भी रहे। दूसरे हाफ में भारत हुड्डा ने भी अपनी छाप छोड़ी। उन्होंने सात रेड में आठ अंक जुटाए और पूरे मुकाबले के दौरान एक बार भी विपक्षी डिफेंस के हाथों आउट नहीं हुए। पंकज मोहिते ने छह, जबकि उप-कप्तान नवीन कुमार ने पांच अंक बनाकर टीम की जीत में अहम भूमिका निभाई। डिफेंस में योगेश दहिया सबसे प्रभावशाली खिलाड़ी रहे। उन्होंने पांच टैकल के प्रयासों में पांचों को सफल बनाकर हाई-5 हासिल किया। शुभम शिंदे, कप्तान सुरजीत सिंह, प्रवेश मलिक और दीपक शंकर ने भी दो-दो टैकल पॉइंट्स जुटाए।
कबड्डी फाइनल में श्रीलंकाई खिलाड़ी को रोकते भारतीय खिलाड़ी
चार बार ऑल-आउट हुई श्रीलंका की टीम
भारतीय टीम ने मुकाबले में रेडिंग और डिफेंस, दोनों मोर्चों पर अपना दबदबा बनाए रखा। भारत ने कुल 30 रेड और 14 टैकल पॉइंट्स हासिल किए। इस दौरान श्रीलंका को चार बार ऑल-आउट किया, जबकि भारतीय टीम पूरे मैच में एक बार भी ऑल-आउट नहीं हुई। शुरुआती हाफ में भारत ने 15-8 की बढ़त बनाई। इसके बाद लगातार सफल रेड और मजबूत डिफेंस के दम पर टीम ने हाफ टाइम तक स्कोर 30-10 कर दिया। दूसरे हाफ में भी भारतीय खिलाड़ियों ने लय बरकरार रखी और 24 अंक जोड़े। इसके मुकाबले श्रीलंका की टीम सिर्फ 10 अंक ही बना सकी। श्रीलंका के लिए मदुवंता ने सबसे ज्यादा छह टैकल पॉइंट्स हासिल किए। हालांकि, भारतीय डिफेंस के सामने उसके रेडर्स की एक नहीं चली। टीम ने 41 रेड में केवल सात सफल रेड कीं।
आदित्य शिंदे ने अहमदाबाद के दर्शकों का जताया आभार
खिताबी जीत के बाद भारतीय टीम के लिए सबसे ज्यादा अंक जुटाने वाले आदित्य शिंदे ने अहमदाबाद के दर्शकों के समर्थन की सराहना की। उन्होंने कहा कि लगातार बड़े टूर्नामेंट आयोजित होने से स्थानीय दर्शकों को भी कबड्डी देखने और खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने का अवसर मिल रहा है। आदित्य के मुताबिक, टीम को पूरे मुकाबले के दौरान दर्शकों का शानदार समर्थन मिला। उन्होंने उम्मीद जताई कि भविष्य में होने वाली प्रतियोगिताओं में भी इसी तरह दर्शक भारतीय खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाते रहेंगे।
महिला टीम ने युगांडा को 35-15 से हराकर जीता खिताब
पुरुष टीम की सफलता के बाद भारतीय महिला खिलाड़ियों ने भी फाइनल में शानदार प्रदर्शन किया। वर्ल्ड चैंपियन भारतीय महिला टीम ने कप्तान निधि शर्मा के नेतृत्व में युगांडा को 35-15 से हराकर गोल्ड मेडल पर कब्जा जमाया। भारत की ओर से साक्षी सबसे प्रभावशाली रेडर रहीं। उन्होंने 10 रेड में नौ अंक हासिल किए, जिनमें दो बोनस पॉइंट्स शामिल थे। पहले हाफ में उनकी सभी छह रेड सफल रहीं। कप्तान निधि शर्मा ने पांच अंक जुटाए, जबकि अनु ने छह रेड पॉइंट्स का योगदान दिया। डिफेंस में रितु और सुमन ने शानदार तालमेल दिखाते हुए चार-चार टैकल पॉइंट्स हासिल किए। युगांडा की ओर से नकायंगो शिराट ने 11 अंक बनाए। उन्होंने अपनी टीम की कुल 35 रेड में से 24 रेड कीं, लेकिन अन्य खिलाड़ियों से अपेक्षित सहयोग नहीं मिलने के कारण टीम मुकाबले में वापसी नहीं कर सकी।
युगांडा की रेडर को रोकती भारतीय खिलाड़ी
पहले हाफ में ही भारत ने मैच पर बना ली थी पकड़
महिला फाइनल में भारतीय टीम ने शुरुआती मिनटों से ही अपनी पकड़ मजबूत कर ली थी। शुरुआत में भारत ने 7-3 की बढ़त बनाई। इसके बाद खिलाड़ियों ने लगातार अंक जुटाए और स्कोर 22-7 तक पहुंचा दिया। पहले हाफ में भारतीय रेडर्स ने एक भी रेड गंवाए बिना शानदार प्रदर्शन किया। वहीं, युगांडा के डिफेंडर्स अपने सभी नौ टैकल प्रयासों में नाकाम रहे। दूसरे हाफ में युगांडा ने कुछ बेहतर खेल दिखाया और रेड पॉइंट्स के मामले में 7-6 की बढ़त हासिल की। हालांकि, भारतीय टीम ने एक और ऑल-आउट करते हुए मुकाबले को 35-15 से अपने नाम कर लिया।
साक्षी बनीं फाइनल की बेस्ट प्लेयर, टूर्नामेंट में बनाए 52 अंक
फाइनल की बेस्ट प्लेयर रहीं साक्षी ने कहा, "टीम को गोल्ड मेडल जिताने में 9 रेड पॉइंट्स का योगदान देकर बहुत खुशी हो रही है। गोल्ड जीतने के बाद टीम का माहौल बहुत अच्छा है। इस तरह के इंटरनेशनल टूर्नामेंट कबड्डी के विकास के लिए जरूरी हैं। इससे युवा खिलाड़ियों को काफी अनुभव मिलेगा। मैं इतना शानदार टूर्नामेंट आयोजित करने के लिए AKFI का धन्यवाद करती हूं।" साक्षी ने पूरे टूर्नामेंट में 6 मैचों में 52 अंक बनाए। महिला टीम ने ग्रुप स्टेज में मलेशिया, सिंगापुर, युगांडा और नाइजीरिया को हराया। इसके बाद सेमीफाइनल में श्रीलंका को 39-14 से हराकर फाइनल में जगह बनाई थी।