शहर के बिजौली थाना क्षेत्र के वीरम गांव में उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब एक महिला के अपहरण की खबर सामने आई। सूचना मिलते ही पुलिस हरकत में आई और महिला की सुरक्षा को देखते हुए तत्काल कार्रवाई शुरू कर दी। पुलिस ने पूरे इलाके में घेराबंदी कर संदिग्ध कार को रोककर जांच शुरू की। हालांकि, जांच के बाद मामला अपहरण का नहीं बल्कि पारिवारिक विवाद का निकला।
ग्रामीणों ने कार में ले जाते देखा,
जानकारी के मुताबिक, वीरम गांव में कुछ लोगों ने एक महिला को जबरन कार में बैठाकर ले जाते हुए देखा। ग्रामीणों को महिला के अपहरण की आशंका हुई, जिसके बाद उन्होंने तुरंत पुलिस को इसकी सूचना दी। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने कार का पीछा किया और घेराबंदी कर उसमें सवार लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की।
पूछताछ में सामने आई असली हकीकत
पुलिस ने महिला संजू, उसके पति पुष्पेंद्र, चचिया ससुर भोगीराम, देवर संदीप, पड़ोसी कल्याण और कार चालक रामवीर से पूछताछ की। जांच के दौरान सामने आया कि यह कोई अपहरण की वारदात नहीं थी, बल्कि पति-पत्नी के बीच हुए विवाद का मामला था। पुलिस ने दोनों पक्षों के बयान दर्ज कर पूरे घटनाक्रम की जानकारी जुटाई।विवाद के बाद भूखी रही महिला
पूछताछ में पता चला कि महिला का अपने पति से किसी बात को लेकर विवाद हो गया था। विवाद के बाद महिला ने कथित तौर पर तीन दिनों तक खाना नहीं खाया, जिससे उसकी तबीयत बिगड़ने लगी। महिला की हालत को देखते हुए ससुराल पक्ष के लोग उसे कार से मायके छोड़ने जा रहे थे। इसी दौरान ग्रामीणों ने इस दृश्य को अपहरण समझ लिया।
अपहरण की आशंका गलत, जांच जारी
पुलिस की प्रारंभिक जांच में अपहरण की आशंका गलत साबित हुई है। अधिकारियों ने महिला की सुरक्षा सुनिश्चित कर ली है और मामले की आगे जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि पारिवारिक विवाद को समझते हुए दोनों पक्षों के बीच समाधान कराने का प्रयास किया जाएगा।