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ठगी की रकम घुमाने वाले 8 लोगों पर कार्रवाई
ठगी की रकम घुमाने वाले 8 लोगों पर कार्रवाई
दुर्ग

खाता किराए पर देना पड़ा भारी : साइबर ठगी में इस्तेमाल 8 बैंक खातों का खुलासा, 8 लोगों पर होगी कार्रवाई

दुर्ग पुलिस ने साइबर ठगी में इस्तेमाल किए जा रहे 8 म्यूल बैंक खातों के खिलाफ कार्रवाई की है। जांच में सामने आया कि खाताधारक 10 से 15 हजार रुपये के लालच में अपने बैंक खाते, एटीएम कार्ड और अन्य दस्तावेज साइबर अपराधियों को उपलब्ध करा रहे थे।

कीर्तिमान डेस्क
प्रकाशित: 16 Jul 2026, 12:11 PM · अपडेट: 15 Sep 2026, 06:44 AM
दुर्ग
AI द्वारा तैयार ~1 मिनट सारांश
दुर्ग पुलिस ने साइबर ठगी के मामलों में इस्तेमाल किए जा रहे म्यूल बैंक खातों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। छावनी, उतई और दुर्ग कोतवाली थाना पुलिस ने संयुक्त अभियान चलाकर ऐसे 8 बैंक खाताधारकों के खिलाफ मामला दर्ज किया है, जिनके खातों का इस्तेमाल ठगी की रकम को ट्रांसफर करने के लिए किया जा रहा था।
पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी कुछ हजार रुपये के लालच में अपने बैंक खाते, पासबुक, एटीएम कार्ड, चेकबुक और सिम कार्ड साइबर अपराधियों को उपलब्ध करा देते थे। इन खातों के जरिए ऑनलाइन ठगी से मिली रकम को अलग-अलग खातों में भेजकर उसका रास्ता छिपाने की कोशिश की जाती थी। 

मनी ट्रेल से खुला खातों का खेल

साइबर अपराधों पर लगाम लगाने के लिए पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर म्यूल बैंक खातों की पहचान और कार्रवाई के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत छावनी, उतई, दुर्ग कोतवाली थाना और एसीसीयू की टीम ने बैंक रिकॉर्ड, डिजिटल साक्ष्यों और तकनीकी जानकारी के आधार पर जांच शुरू की थी। पुलिस टीम ने साइबर ठगी की रकम के लेन-देन की जांच करते हुए पूरा मनी ट्रेल खंगाला। जांच में खातों के इस्तेमाल और रकम के ट्रांसफर से जुड़े कई अहम तथ्य सामने आए। इसके आधार पर 15 जुलाई को 8 खाताधारकों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की गई।

10-15 हजार में बेच रहे थे बैंक खाते

जांच में पता चला कि कुछ लोग अपने बैंक खाते साइबर अपराधियों को 10 हजार से 15 हजार रुपये तक में उपलब्ध करा देते थे। इसके साथ ही वे खाते से जुड़े एटीएम कार्ड, पासबुक, चेकबुक और सिम कार्ड भी सौंप देते थे। इसके बाद खातों का नियंत्रण पूरी तरह साइबर अपराधियों के हाथ में चला जाता था, जिनका इस्तेमाल ठगी की रकम को इधर-उधर भेजने और जांच से बचने के लिए किया जाता था। पुलिस ने जिन लोगों के खिलाफ कार्रवाई की है, उनमें अश्वंश कुमार प्रसाद, सागर राम, नितिन सिंघल, अजय कुमार धहरिया, सोनू कमलाकर पाटने, राहुल यादव, रेखा सिंह और जूही तबस्सुम शामिल हैं। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने बैंक पासबुक, एटीएम कार्ड, चेकबुक, सिम कार्ड, मोबाइल फोन और अन्य बैंकिंग दस्तावेज जब्त किए हैं।

पुलिस ने लोगों से सतर्क रहने अपील की 

एएसपी दुर्ग ग्रामीण ने बताया कि कई लोग आसान पैसे कमाने के लालच में अपना बैंक खाता दूसरों को दे देते हैं, लेकिन बाद में यही खाते साइबर अपराधों में इस्तेमाल होते हैं। ऐसे मामलों में खाताधारक भी अपराध में शामिल माने जाते हैं और उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाती है। दुर्ग पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि वे किसी भी व्यक्ति को अपना बैंक खाता, एटीएम कार्ड, पासबुक, चेकबुक या सिम कार्ड इस्तेमाल के लिए न दें। पुलिस ने कहा है कि खाते को किराए पर देना या बेचना साइबर अपराधों को बढ़ावा दे सकता है और इसके गंभीर कानूनी परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं।
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