छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में एक बार फिर धर्मांतरण को लेकर विवाद गहरा गया है। मामला सीपत थाना क्षेत्र के ग्राम मोहरा का है, जहां रविवार को आयोजित एक प्रार्थना सभा में ग्रामीणों ने प्रलोभन देकर धर्म परिवर्तन कराने का आरोप लगाया। घटना की जानकारी मिलते ही इलाके में तनाव का माहौल बन गया और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर एकत्र हो गए।
ग्रामीणों का आरोप है कि गांव में लंबे समय से गुप्त रूप से प्रार्थना सभाएं आयोजित की जा रही थीं, जिनमें लोगों को बीमारी ठीक होने, आर्थिक मदद और अन्य तरह के लालच देकर धर्म परिवर्तन के लिए प्रेरित किया जा रहा था। रविवार को सभा की सूचना मिलने के बाद स्थानीय लोगों ने इसका विरोध किया और पुलिस को सूचना दी।
सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस
मामले की गंभीरता को देखते हुए सीपत थाना पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची। पुलिस ने सभा आयोजित कर रहे घर के मालिक सहित कई लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया। स्थिति को नियंत्रण में रखने के लिए गांव में अतिरिक्त पुलिस बल भी तैनात किया गया ताकि किसी प्रकार का विवाद या तनाव न बढ़े। पुलिस ने प्रारंभिक जांच के बाद तीन लोगों के खिलाफ धर्म स्वतंत्रता अधिनियम सहित अन्य धाराओं के तहत अपराध दर्ज किया है। अधिकारियों के अनुसार मामले में साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं और सभा में शामिल लोगों से पूछताछ की जा रही है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि क्या इस गतिविधि के पीछे कोई संगठित नेटवर्क सक्रिय था।प्रशासन ने कहा- जांच के बाद होगी आगे की कार्रवाई
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है। यदि धर्म परिवर्तन के लिए किसी प्रकार के दबाव, प्रलोभन या अवैध गतिविधि की पुष्टि होती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। वहीं घटना के बाद गांव में स्थिति फिलहाल नियंत्रण में बताई जा रही है।
बिलासपुर और आसपास के इलाकों में पहले भी धर्मांतरण को लेकर विवाद सामने आते रहे हैं। लगातार सामने आ रहे मामलों के कारण प्रशासन अब इस तरह की गतिविधियों पर विशेष नजर बनाए हुए है। स्थानीय संगठनों ने भी मामले में कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
