Crime News: बिहार के भोजपुर जिला मुख्यालय आरा में आज तड़के हुई एक दुस्साहसिक वारदात ने पूरे इलाके को दहला दिया है। नवादा थाना क्षेत्र के कनकपुरी इलाके में बेखौफ नकाबपोश बाइक सवार अपराधियों ने रिटायर्ड कस्टम सुपरिंटेंडेंट और क्षत्रिय कल्याण संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष रामकुमार सिंह की गोली मारकर निर्मम हत्या कर दी। हमलावरों ने उन्हें निशाना बनाकर अंधाधुंध ताबड़तोड़ गोलियां बरसाईं। उनके शरीर पर 7 से 8 गोलियों के गंभीर निशान पाए गए हैं, जिससे मौके पर ही उनकी दर्दनाक मौत हो गई।
सोची-समझी साजिश और घात लगाकर हमला
मिली जानकारी के मुताबिक, रामकुमार सिंह (मूल निवासी आरा) कनकपुरी मोहल्ले में अपना मकान बनाकर रह रहे थे। वे रोज की तरह आज सुबह भी अपनी दिनचर्या के तहत टहलने निकले थे। आशंका जताई जा रही है कि अपराधियों को उनकी इस दिनचर्या की पूरी भनक थी और वे पहले से घात लगाकर बैठे थे। जैसे ही रामकुमार सिंह जैन कॉलेज के पास कनकपुरी मोड़ के करीब पहुंचे, घात लगाए नकाबपोश अपराधियों ने उन पर अचानक गोलियों की बौछार कर दी और वारदात को अंजाम देकर हथियार लहराते हुए आराम से फरार हो गए।
समाज सेवा में सक्रिय थे रामकुमार सिंह
कस्टम विभाग से उच्च पद से सेवानिवृत्त होने के बाद रामकुमार सिंह लगातार सामाजिक और सांगठनिक गतिविधियों में सक्रिय रहते थे। उन्होंने खुद क्षत्रिय कल्याण संगठन की नींव रखी थी और इसके अध्यक्ष के रूप में सामाजिक कार्यों का नेतृत्व कर रहे थे। एक चर्चित और प्रतिष्ठित पूर्व अधिकारी की इस तरह दिन-दहाड़े हुई हत्या से न केवल परिजनों में कोहराम मच गया है, बल्कि स्थानीय लोगों में भी गहरा आक्रोश है।पुलिस महकमे में हड़कंप, सुरक्षा पर गंभीर सवाल
दिन-दहाड़े और भीड़भाड़ वाले इलाके के पास हुई इस वारदात ने शहर की कानून-व्यवस्था और पुलिस गश्ती पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना की सूचना मिलते ही नवादा थाने की पुलिस और वरिष्ठ अधिकारी दलबल के साथ मौके पर पहुंचे और इलाके को सील कर छानबीन शुरू कर दी है।
क्या है हत्या की वजह?
फिलहाल हत्या के कारणों का स्पष्ट पता नहीं चल पाया है। पुलिस आसपास के लगे सीसीटीवी (CCTV) फुटेज खंगाल रही है और हर संभावित पहलू—चाहे वह व्यक्तिगत रंजिश हो, संपत्ति विवाद हो या कोई अन्य वजह—पर गहनता से जांच कर रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि फॉरेंसिक टीम की मदद ली जा रही है और अपराधियों की धरपकड़ के लिए संभावित ठिकानों पर छापेमारी शुरू कर दी गई है। आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद ही इस जघन्य हत्याकांड के पीछे के मुख्य मकसद का खुलासा हो सकेगा।







