Murder Case: छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले से एक बेहद दर्दनाक और सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहाँ सात साल की बच्ची की निर्मम हत्या के मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी को धर दबोचा है। इस घटना के बाद से पूरे इलाके में गहरा आक्रोश व्याप्त है। शुक्रवार को बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीणों और महिलाओं ने राजगामार पुलिस चौकी का घेराव कर जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने आरोपी को सबके सामने लाने और उसे फांसी दिए जाने की पुरजोर मांग की है।
बांगो के जंगलों से दबोचा गया मुख्य आरोपी
पुलिस के अनुसार, इस मामले का मुख्य आरोपी 40 वर्षीय अमित चौहान है, जो बालको थाना क्षेत्र के बेलगारी नाला का रहने वाला है। वारदात के बाद से ही पुलिस और सुरक्षा टीमें उसकी तलाश में जुटी थीं। आखिरकार गुरुवार देर रात पुलिस ने एक सफल घेराबंदी करते हुए बांगो क्षेत्र के जंगलों से उसे दबोच लिया। फिलहाल पुलिस हिरासत में उससे कड़ी पूछताछ की जा रही है।
दुष्कर्म की आशंका पर सस्पेंस, इलाके में भारी तनाव
हालाँकि पुलिस ने अभी तक इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है, लेकिन चर्चा है कि बच्ची के साथ दुष्कर्म जैसी घिनौनी हरकत भी की गई हो सकती है। इस अमानवीय घटना ने स्थानीय लोगों को झकझोर कर रख दिया है और हर तरफ गुस्से का माहौल है।
राजगामार चौकी पर फूटा गुस्सा, राजनीतिक दल भी आए सामने
आरोपी की गिरफ्तारी की खबर फैलते ही शुक्रवार सुबह राजगामार पुलिस चौकी के बाहर भारी भीड़ जुट गई। महिलाओं ने बढ़-चढ़कर इस प्रदर्शन में हिस्सा लिया और पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए आरोपी को कड़ी सजा देने की मांग की।
इस गंभीर घटना के बाद विभिन्न संगठनों ने भी कड़ा रुख अपनाया है:
कैंडल मार्च: इस जघन्य हत्याकांड के विरोध और बच्ची को श्रद्धांजलि देने के लिए कांग्रेस ने शुक्रवार शाम चार बजे राजगामार में कैंडल मार्च निकालने का ऐलान किया है।
संगठनों का मोर्चा: वहीं, 'छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना' ने भी क्षेत्र में लगातार बढ़ रहे गंभीर अपराधों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है और प्रशासनिक लापरवाही पर सवाल उठाए हैं।
पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी, पुलिस खंगाल रही कड़ियां
मासूम का शव मिलने के बाद उसे मेडिकल कॉलेज जिला अस्पताल की मर्च्युरी में रखवाया गया था, जहाँ शुक्रवार को डॉक्टरों की टीम द्वारा पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी कर ली गई। पुलिस फिलहाल आरोपी के बयानों और साक्ष्यों के आधार पर जांच को आगे बढ़ा रही है। ग्रामीणों की साफ मांग है कि मामले की निष्पक्ष जांच हो ताकि दोषी को कानून के तहत कठोरतम सजा मिल सके।







