Rajnandgaon Double Murder: जिले के डोंगरगढ़ थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले चौथना गांव में अंधविश्वास की एक ऐसी दर्दनाक और खौफनाक दास्तान सामने आई है, जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। जादू-टोने के शक में एक ही परिवार के लोगों ने खून की ऐसी होली खेली कि मां और बेटे की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि बेटी जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रही है। पुलिस ने इस सनसनीखेज दोहरे हत्याकांड का पर्दाफाश करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। हैरान करने वाली बात यह है कि पीड़ित और आरोपी पक्ष आपस में एक ही परिवार के सदस्य हैं।
क्या है पूरा मामला?
पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, चौथना गांव के रहने वाले कमला सोनकर का परिवार सब्जी बेचने का काम कर गुजर-बसर करता है। परिवार की एक महिला केशर सोनकर के मन में यह अंधविश्वास घर कर गया था कि उसकी देवरानी कमला सोनकर जादू-टोना करती है, जिसके कारण उसके परिवार के लोग लगातार बीमार पड़ रहे हैं। इसी वहम और रंजिश के चलते इस खूनी साजिश को अंजाम दिया गया। बीते शुक्रवार 9 अक्टूबर की रात आरोपी योजनाबद्ध तरीके से घर के अंदर घुसे। उन्होंने सबसे पहले कमला सोनकर पर धारदार हथियारों से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। जब उनका 21 वर्षीय बेटा खुमेन्द्र सोनकर बीच-बचाव करने आया, तो आरोपियों ने उस पर भी बेरहमी से प्रहार किया। इस क्रूर हमले में मां और बेटे दोनों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि बीच-बचाव में आई बेटी ममता सोनकर गंभीर रूप से घायल हो गई। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से फरार हो गए।
ऐसे खुला खौफनाक राज
घटना के समय मृतका कमला सोनकर का पति घर पर नहीं था। जब वह शुक्रवार को वापस लौटा, तो घर के अंदर का खौफनाक मंजर देखकर उसके पैरों तले जमीन खिसक गई। घर में उसकी पत्नी और बेटे के शव पड़े थे और बेटी खून से लथपथ अचेत अवस्था में थी। इस भयावह घटना की जानकारी मिलते ही पूरे गांव में हड़कंप मच गया और सनसनी फैल गई। ग्रामीणों की सूचना पर तुरंत एक्शन लेते हुए पुलिस घटनास्थल पर पहुंची। पुलिस ने गंभीर रूप से घायल ममता को फौरन डोंगरगढ़ के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया, जहां उसकी नाजुक हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने उसे तुरंत रायपुर रेफर कर दिया।सबूत मिटाने की हुई शातिर कोशिश
मामले की गंभीरता को भांपते हुए पुलिस ने एक विशेष संयुक्त टीम का गठन किया। पुलिस ने घटनास्थल बारीकी से मुआयना किया और साक्ष्य जुटाए। जांच के दौरान पुलिस को परिवार के भीतर चल रहे विवाद और अंधविश्वास के एंगल का सुराग मिला। इसके बाद पुलिस ने घटना के बाद से फरार चल रहे संदिग्ध हेमंत कुमार सोनकर (36) को हिरासत में लेकर कड़ाई से पूछताछ शुरू की। कड़ी पूछताछ के दौरान आरोपियों का शातिर चेहरा बेनकाब हो गया। हेमंत की निशानदेही पर उसके भाई सोनू सोनकर (34) और उनकी मां केशर सोनकर (55) की इस साजिश में सीधी भूमिका सामने आई। पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। जांच में यह भी सामने आया कि हत्या के बाद आरोपियों ने सबूतों को मिटाने की पूरी कोशिश की थी। उन्होंने वारदात में इस्तेमाल लोहे की कुल्हाड़ी के लकड़ी के बेंट और अपने खून से सने कपड़ों को जलाने का प्रयास किया था। हालांकि, पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए आरोपियों की निशानदेही पर वह कुल्हाड़ी, मोटरसाइकिल और जलाने के अवशेष भी बरामद कर लिए हैं।
बीएनएस की सख्त धाराएं जोड़ी गईं
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि हत्या के बाद साक्ष्य छिपाने और सुनियोजित साजिश रचने के पुख्ता सबूत मिलने के बाद इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 61(2) और 238 भी जोड़ दी गई है। फिलहाल पुलिस तीनों आरोपियों से पूछताछ कर मामले के अन्य पहलुओं की गहराई से जांच कर रही है। इस अंधविश्वास से उपजी इस घटना ने एक बार फिर समाज में फैली कुरीतियों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।







