जिले के सबसे बड़े उच्च शिक्षण संस्थानों में शामिल शासकीय माता कर्मा कन्या स्नातकोत्तर महाविद्यालय (पीजी कॉलेज) में इस बार प्रवेश को लेकर विद्यार्थियों का रुझान कम नजर आ रहा है। तीन दिन चली प्रवेश प्रक्रिया के बाद भी कॉलेज की 56 प्रतिशत सीटें खाली रह गई हैं।
कॉलेज में स्नातक और स्नातकोत्तर स्तर पर कुल 2040 सीटें उपलब्ध हैं, जिनमें अब तक केवल 905 विद्यार्थियों ने ही प्रवेश लिया है। पिछले वर्षों में जहां प्रवेश के लिए लंबी कतारें लगती थीं और कई पाठ्यक्रमों में सीटें भरने के बाद प्रतीक्षा सूची जारी करनी पड़ती थी, वहीं इस बार स्थिति इसके उलट दिखाई दे रही है।
आगे के चरणों में प्रवेश बढ़ने की उम्मीद
कॉलेज प्रशासन के अनुसार प्रवेश प्रक्रिया अभी जारी है और आगामी चरणों में विद्यार्थियों की संख्या बढ़ने की उम्मीद है। हालांकि, यदि प्रवेश संख्या में अपेक्षित बढ़ोतरी नहीं हुई तो कई पाठ्यक्रमों में बड़ी संख्या में सीटें रिक्त रह सकती हैं।
स्नातक कक्षाओं में भी कम दिखा उत्साह
उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार बीए प्रथम सेमेस्टर में 440 सीटों के मुकाबले 237 विद्यार्थियों ने प्रवेश लिया है। वहीं बीएससी बायो में 300 सीटों में से 134, बीएससी मैथ्स में 160 सीटों में से 60 और बीकॉम में 225 सीटों के मुकाबले 106 विद्यार्थियों ने दाखिला लिया है।
बीसीए और डीसीए में भी सीटें खाली
इसके अलावा बीसीए की 40 सीटों में 22, डीसीए की 100 सीटों में 25 और अन्य पाठ्यक्रमों में भी प्रवेश संख्या कम रही है। रोजगार से जुड़े तकनीकी पाठ्यक्रमों की ओर विद्यार्थियों के बढ़ते रुझान को भी इसका एक कारण माना जा रहा है।
पीजी पाठ्यक्रमों में प्रवेश की स्थिति चिंताजनक
स्नातकोत्तर कक्षाओं में भी प्रवेश की स्थिति संतोषजनक नहीं है। एमए हिंदी में 50 सीटों के मुकाबले 21, अंग्रेजी में 60 में 23, राजनीति विज्ञान में 50 में 29 और अर्थशास्त्र में 50 सीटों के मुकाबले केवल 8 विद्यार्थियों ने प्रवेश लिया है।
मेरिट सूची के बाद सुधार की उम्मीद
कॉलेज प्रशासन का कहना है कि आगामी मेरिट सूची और प्रवेश के अगले चरणों के बाद स्थिति में सुधार आने की संभावना है। इसके बावजूद इस बार तकनीकी और रोजगार आधारित पाठ्यक्रमों की ओर विद्यार्थियों का बढ़ता रुझान पारंपरिक पाठ्यक्रमों में कम प्रवेश का बड़ा कारण माना जा रहा है।