डर के साए में था मासूम
पुलिस ने CCTV फुटेज वाले DVR को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। कुछ दिनों से सहमा हुआ था मासूम पीड़ित बच्चे के पिता के मुताबिक, उनका बेटा पिछले कुछ दिनों से काफी डरा-सहमा हुआ था। वह रात में अचानक डरकर उठ जाता था और टॉयलेट जाने के नाम पर भी घबरा जाता था। परिजन उसे डॉक्टर के पास लेकर पहुंचे, जहां जांच के दौरान दोनों कानों के पर्दों में काफी सूजन मिली। डॉक्टरों ने बच्चे के साथ मारपीट की आशंका जताई। इसके बाद परिजनों को स्कूल में बच्चे के साथ किसी तरह की अनहोनी का शक हुआ। उन्होंने स्कूल प्रशासन से CCTV फुटेज दिखाने की मांग की।
फुटेज देखकर पिता के उड़े होश
आरोप है कि शुरुआत में स्कूल की ओर से कैमरे खराब होने की बात कही गई। बाद में परिजनों से 1500 रुपए फीस लेकर अगले दिन CCTV फुटेज दिखाने के लिए बुलाया गया। CCTV फुटेज देखकर पिता के उड़े होश पिता के मुताबिक, CCTV फुटेज देखने पर बच्चे के साथ मारपीट का पूरा मामला सामने आया। फुटेज में शिक्षिका और स्कूल स्टाफ बच्चे के कान पकड़कर मारते दिखाई दिए। आरोप है कि मासूम को घंटों तक कुर्सी से बांधकर रखा गया और बाद में लात मारकर नीचे गिरा दिया गया। बच्चे को खाना देने से रोकने की बात भी सामने आई है।
CCTV में कैद छेड़छाड़ का आरोप
एक अन्य CCTV फुटेज में स्कूल की आया द्वारा बच्चे के निजी अंगों से छेड़छाड़ किए जाने का आरोप है। परिजनों का कहना है कि इसी वजह से बच्चा टॉयलेट जाने से डर रहा था। निदेशिका पर भी गंभीर आरोप बच्चे के पिता ने स्कूल की निदेशिका पर शिकायत को गंभीरता से नहीं लेने का आरोप लगाया है। शिकायतकर्ता के मुताबिक, घटना की जानकारी देने पर निदेशिका ने कहा कि बच्चे रोज पिटते हैं और जो करना है कर लो। इसके बाद परिवार ने पुलिस से शिकायत की। पुलिस ने बच्चे का मेडिकल परीक्षण जेपीसी और जीटीबी अस्पताल में कराया। जांच में बच्चे की आंख के पास और जांघ पर चोट के निशान मिलने की बात सामने आई है।CCTV और मेडिकल रिपोर्ट खंगाल रही पुलिस
पुलिस ने DVR कब्जे में लिया मामले में जाफराबाद थाना पुलिस ने स्कूल से CCTV फुटेज वाला DVR अपने कब्जे में ले लिया है। पुलिस ने स्कूल प्रशासन से जुड़े लोगों और नामजद आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस CCTV फुटेज और मेडिकल रिपोर्ट समेत अन्य साक्ष्यों की जांच कर रही है। मामला पॉक्सो एक्ट से जुड़ा होने के कारण जांच में बच्चे की पहचान गोपनीय रखी जा रही है। पुलिस का कहना है कि उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

