बच्चों को कृमि संक्रमण से बचाने और उनके बेहतर स्वास्थ्य एवं शारीरिक विकास को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से मिडिल स्कूल लखौली में कृमिनाशक दवा वितरण अभियान चलाया गया। अभियान के तहत 1 से 19 वर्ष तक के बच्चों को निर्धारित मात्रा में एल्बेंडाजोल की दवा खिलाई गई। स्कूल के बच्चों के लिए कुल 746 एल्बेंडाजोल की गोलियां उपलब्ध कराई गई थीं।
185 बच्चों को खिलाई कृमिनाशक दवा
आंगनबाड़ी केंद्र में पंजीकृत 185 बच्चों को भी कृमिनाशक दवा खिलाई गई। इस अवसर पर सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. प्रतिमा बंदे ने बच्चों को कृमिनाशक दवा के महत्व की जानकारी देते हुए कहा कि बच्चों के शरीर में कृमि संक्रमण होने से कमजोरी, पेट दर्द, भूख में कमी, एनीमिया सहित कई स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं हो सकती हैं। उन्होंने कहा कि बच्चों को समय-समय पर कृमिनाशक दवा खिलाने के साथ-साथ स्वच्छता और साफ-सफाई पर भी विशेष ध्यान देना जरूरी है।
कृमि संक्रमण से बचाव पर जोर
स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. प्रतिमा बंदे ने बच्चों को भोजन से पहले और शौचालय के बाद साबुन से हाथ धोने, साफ पानी पीने तथा स्वच्छ एवं सुरक्षित भोजन करने की सलाह दी।स्वास्थ्य विभाग के मार्गदर्शन में आयोजित अभियान के दौरान बच्चों को दवा सेवन कराने के साथ अभिभावकों को भी कृमि संक्रमण से बचाव के उपायों के प्रति जागरूक किया गया। स्वास्थ्यकर्मियों ने बताया कि नियमित कृमिनाशक अभियान बच्चों के स्वस्थ विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।मितानिनों समेत शिक्षक हुए शामिल
कार्यक्रम में आरएचओ ललित साहू, हाईस्कूल की प्राचार्य श्रद्धा तिवारी, शिक्षिका पूजा साहू, ऋतम्भरा चंद्राकर, मिडिल स्कूल की शिक्षिका सरिता तिवारी, शिक्षक यूगेश साहू, प्रधानपाठक विजय वर्मा, प्राइवेट स्कूल से प्रेमलता चंद्राकर, ग्राम कठिया से ज्योति चंद्राकर सहित खौली एवं कठिया की समस्त मितानिन उपस्थित रहीं।
कृमि संक्रमण रोकथाम पर जोर
स्वास्थ्य विभाग की इस पहल से स्कूल, आंगनबाड़ी एवं अन्य बच्चों में कृमि संक्रमण की रोकथाम के साथ उन्हें स्वस्थ एवं मजबूत बनाने में मदद मिलेगी।