Mining News: तहसील गोबरा नवापारा के अंतर्गत आने वाले ग्राम दुलना में चूना पत्थर (लाइमस्टोन) की खदानों में हो रहे तेज धमाकों और हैवी ब्लास्टिंग का मामला अब तूल पकड़ चुका है। लगातार मिल रही जनशिकायतों और ग्रामीणों के आक्रोश के बाद खनिज विभाग हरकत में आया है। विभाग ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और कार्रवाई के लिए खान सुरक्षा महानिदेशालय (DGMS), बिलासपुर क्षेत्र को पत्र भेज दिया है।
धमाकों से थर्रा रहा पूरा गांव, मकानों और मंदिरों में आई दरारें
ग्रामीणों ने हाल ही में 26 मई को कलेक्टर, एसडीएम, तहसीलदार और स्थानीय थाना प्रभारी को ज्ञापन सौंपकर खदान संचालकों पर गंभीर आरोप लगाए। ग्रामीणों का कहना है कि खदानों में क्षमता से अधिक भारी बारूद का इस्तेमाल कर धमाके किए जा रहे हैं। इन धमाकों की गूंज से पूरा गांव सिहर उठता है। तेज कंपन की वजह से दुलना गांव के कई घरों, स्थानीय मंदिरों और पास ही स्थित डैम की दीवारों में गहरी दरारें आ गई हैं। हर समय किसी अनहोनी की आशंका के चलते ग्रामीणों में दहशत और भय का माहौल बना हुआ है।
अधिकारियों तक पहुंची शिकायत, NOC रद्द करने की मांग
खनिज विभाग द्वारा बिलासपुर महानिदेशालय को 27 मई को भेजे गए पत्र के मुताबिक, दुलना पंचायत क्षेत्र में स्वीकृत विभिन्न उत्खनन पट्टों को लेकर सुशासन पोर्टल, सीएम हेल्पलाइन और अन्य माध्यमों से लगातार शिकायतें मिल रही थीं। ग्रामीणों की मांग है कि गांव की सुरक्षा और पर्यावरण को देखते हुए इन खदानों में ब्लास्टिंग पर तुरंत रोक लगाई जाए और खदानों को दी गई एनओसी (NOC) निरस्त की जाए। लोगों का आरोप है कि वे लंबे समय से अलग-अलग प्रशासनिक दफ्तरों के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकल सका है।खेती-किसानी पर संकट, नियमों को ताक पर रखकर हो रही खुदाई
गांव के पीड़ित किसानों—छबीराम साहू, लच्छूराम, लोकेश, फागराम ध्रुव और संतराम साहू का कहना है कि अनियंत्रित उत्खनन के कारण उनकी उपजाऊ कृषि भूमि पूरी तरह बर्बाद हो रही है। खनन नियमों के अनुसार खदान और निजी खेत के बीच कम से कम 25 फीट की दूरी (सेफ्टी ज़ोन) छोड़ना अनिवार्य है। लेकिन खदान संचालकों ने इस नियम को ताक पर रखकर खेतों के बिल्कुल करीब तक खुदाई कर दी है। इसके अलावा, बारूद लेकर आने वाले भारी वाहनों के प्रवेश पर भी रोक लगाने की मांग की गई है।
रॉयल्टी चोरी और अवैध खनन के भी आरोप
शासकीय दस्तावेजों के अनुसार, दुलना क्षेत्र में अनिता जैन, कविता जैन, हरिमोहन साहू, साकेत जैन और राम नारायण साहू के नाम पर चूना पत्थर के उत्खनन पट्टे स्वीकृत हैं। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि स्वीकृत सीमा से कहीं अधिक गहराई और क्षेत्रफल में खनन किया जा रहा है, जिससे शासन को करोड़ों रुपये की रॉयल्टी का चूना लग रहा है। हालांकि, रॉयल्टी चोरी और अनियमितता के इन दावों की असलियत जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद ही साफ हो पाएगी।अब बिलासपुर से आने वाली जांच टीम पर टिकीं निगाहें
खनिज विभाग ने DGMS बिलासपुर को निर्देश दिया है कि वे दुलना के स्वीकृत पट्टा क्षेत्रों में जाकर ब्लास्टिंग के तरीकों, सुरक्षा मानकों की अनदेखी और नियमों के उल्लंघन की बारीकी से पड़ताल करें। अब पूरे गांव की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि बिलासपुर से आने वाली जांच टीम कब तक मौका मुआयना करती है और दोषी खदान संचालकों पर क्या कार्रवाई होती है।

