Arang News: आरंग और आसपास के इलाकों में पिछले दिनों हुई भारी बारिश और बाढ़ ने लोगों के जीवन को पूरी तरह से अस्त-व्यस्त कर दिया है। इस आपदा में कई परिवारों के आशियाने पूरी तरह से ढह गए, तो कइयों के मकानों को काफी नुकसान पहुंचा है। खेतों में लहलहाती फसलें जलमग्न होकर बर्बाद हो चुकी हैं। अब इस संकट की घड़ी में प्रभावित ग्रामीणों को आर्थिक राहत और मुआवजा दिलाने के लिए प्रशासनिक स्तर पर तैयारियां तेज़ कर दी गई हैं।
पटवारी रिपोर्ट और तहसील कार्यालय में जमा करें आवेदन
अनुसूचित जाति सलाहकार परिषद के सदस्य देवराज जांगड़े ने पीड़ितों से अपील करते हुए कहा है कि वे राहत राशि पाने के लिए बिल्कुल भी समय न गंवाएं। उन्होंने प्रभावितों से तुरंत अपने क्षेत्र के हल्का पटवारी से संपर्क करने को कहा है, ताकि वे मौके पर पहुंचकर नुकसान का सही प्रतिवेदन तैयार कर सकें। जांगड़े के अनुसार, पटवारी द्वारा तैयार क्षति रिपोर्ट (प्रतिवेदन) और जरूरी कागजातों को तुरंत तहसील कार्यालय में जमा करना अनिवार्य है। आवेदन में किसी भी तरह की लापरवाही या देरी होने पर राहत राशि स्वीकृत होने में लंबा समय लग सकता है।
आरबीसी 6-4 के तहत मिलेगा फसल और मकान का मुआवजा
तहसील प्रशासन की ओर से केवल टूटे-फूटे मकानों का ही नहीं, बल्कि बाढ़ के पानी में पूरी तरह डूबकर नष्ट हुई फसलों का भी अलग से सर्वे कराया जा रहा है। यह पूरा मुआवजा राजस्व पुस्तक परिपत्र (RBC 6-4) के नियमों के तहत दिया जाएगा। सर्वे की रिपोर्ट आने के बाद जो भी परिवार और किसान इसके पात्र पाए जाएंगे, उनके खातों में शासन की ओर से तय आर्थिक सहायता राशि जारी कर दी जाएगी। प्रशासन का पूरा प्रयास है कि जल्द से जल्द पीड़ितों को कागजी कार्रवाई पूरी कराकर राहत राशि मुहैया कराई जा सके।
तहसील प्रशासन की ओर से केवल टूटे-फूटे मकानों का ही नहीं, बल्कि बाढ़ के पानी में पूरी तरह डूबकर नष्ट हुई फसलों का भी अलग से सर्वे कराया जा रहा है। यह पूरा मुआवजा राजस्व पुस्तक परिपत्र (RBC 6-4) के नियमों के तहत दिया जाएगा। सर्वे की रिपोर्ट आने के बाद जो भी परिवार और किसान इसके पात्र पाए जाएंगे, उनके खातों में शासन की ओर से तय आर्थिक सहायता राशि जारी कर दी जाएगी। प्रशासन का पूरा प्रयास है कि जल्द से जल्द पीड़ितों को कागजी कार्रवाई पूरी कराकर राहत राशि मुहैया कराई जा सके।

