Dhamtari News: छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में बारिश और बाढ़ की चुनौती के बीच ग्रामीणों की सूझबूझ और सहयोग की मिसाल देखने को मिली। ग्राम पंचायत लटियारा के आश्रित ग्राम चर्रा कच्छारपारा में ग्रामीणों ने अपनी जान जोखिम में डालकर एक बीमार व्यक्ति को समय पर अस्पताल पहुंचाया और उसकी जान बचाने में अहम भूमिका निभाई। चर्रा गांव निवासी गोपेश कुमार पटेल की अचानक तबीयत बिगड़ गई।
उन्हें गंभीर रूप से उल्टी-दस्त की शिकायत होने लगी, जिससे उनकी हालत लगातार खराब होती चली गई। परिवार के लोग उन्हें तत्काल अस्पताल ले जाना चाहते थे, लेकिन लगातार बारिश के कारण गांव के आसपास जलभराव और नालों में तेज बहाव ने रास्ता रोक दिया था। गांव के डूमर नाला में पानी का तेज बहाव होने के कारण रात के समय मरीज को बाहर निकालना बेहद मुश्किल था। अंधेरे और खतरनाक हालात को देखते हुए परिजनों को मजबूरी में गोपेश को रातभर घर पर ही रखना पड़ा।
सुबह ग्रामीणों ने संभाला मोर्चा
सुबह जलस्तर थोड़ा कम होने के बाद ग्राम पंचायत लटियारा के सरपंच रुपेश कुमार ध्रुव और स्थानीय ग्रामीण तुरंत सक्रिय हुए। सभी ने मिलकर बीमार गोपेश को सुरक्षित बाहर निकालने की योजना बनाई और सहयोग करते हुए उन्हें अस्पताल तक पहुंचाया। समय पर चिकित्सा सुविधा मिलने के बाद डॉक्टरों ने उनका उपचार शुरू किया, जिससे उनकी हालत में सुधार हुआ। ग्रामीणों के इस प्रयास की क्षेत्र में सराहना हो रही है।डूमर नाला पर पुलिया निर्माण की मांग तेज
इस घटना ने बारिश के मौसम में ग्रामीणों के सामने आने वाली पुरानी समस्या को फिर उजागर कर दिया है। चर्रा गांव के डूमर नाला में हर साल बरसात के दौरान पानी भर जाने से गांव का संपर्क प्रभावित होता है। इससे मरीजों, स्कूली बच्चों और आम लोगों को काफी परेशानी उठानी पड़ती है। ग्रामीणों ने अब शासन-प्रशासन से डूमर नाला पर जल्द पुलिया निर्माण कराने की मांग की है। उनका कहना है कि स्थायी समाधान होने से भविष्य में आपात परिस्थितियों में लोगों को इस तरह की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा।
