छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में कोयले की बड़ी हेराफेरी का मामला सामने आया है। भाटिया एनर्जी एंड कोल बेनिफिकेशन के अधिकारियों ने नियमित कोयला जांच के दौरान गंभीर अनियमितता पकड़ी, जिसके बाद पूरे मामले का खुलासा हुआ। जांच में गड़बड़ी सामने आने पर मामला तुरंत पुलिस को सौंप दिया गया। फैक्ट्री प्रबंधक आरके पांडेय की रिपोर्ट के अनुसार, 9 जून को दीपका कोल माइंस से एफ/जी ग्रेड का कोयला भाटिया एनर्जी एंड बेनिफिकेशन के लिए भेजा गया था। 10 जून की सुबह अलग-अलग ट्रकों से कोयला फैक्ट्री पहुंचा, लेकिन लैब जांच में यह निर्धारित मानक का एफ/जी ग्रेड कोयला नहीं पाया गया।
ट्रकों और ड्राइवरों के जरिए हेराफेरी का खेल
जांच में शामिल ट्रक नंबर सीजी 10 बीक्यू 8285 (चालक उज्जैन अंसारी), सीजी 12 बीएल 6247 (चालक आशिक हुसैन) और सीजी 12 बीएल 6251 (चालक फजल अंसारी) से कोयला लाया गया था। पूछताछ में सामने आया कि दीपका से आने के दौरान रास्ते में ही कोयले की हेराफेरी की गई थी।
कंपनी को 25 लाख से अधिक का नुकसान
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान
पुलिस ने आशिक हुसैन अंसारी, फैजान रजा अंसारी, फुजैल अंसारी (झारखंड), गौरव राजपूत, सीबु खान (बिलासपुर) और दिलीप कुमार यादव (दुर्ग) को गिरफ्तार किया है। वहीं कोल डिपो संचालक और कुछ अन्य आरोपी अभी फरार हैं। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच की जा रही है। आशंका है कि इस गिरोह में और भी लोग शामिल हो सकते हैं। फरार आरोपियों की तलाश तेज कर दी गई है।
