पंजाब की कानून-व्यवस्था और जेल सुरक्षा व्यवस्था एक बार फिर बड़े सवालों के घेरे में है। मशहूर पंजाबी सिंगर सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड में गाड़ी मुहैया कराने के आरोपी और कुख्यात गैंगस्टर मनप्रीत सिंह उर्फ 'मन्ना' ने होशियारपुर केंद्रीय जेल के भीतर से सोशल मीडिया पर लाइवस्ट्रीम (Live Stream) कर पंजाब पुलिस और जेल प्रशासन की सुरक्षा दावों की धज्जियां उड़ा दी हैं। इस लाइव वीडियो के सामने आने के बाद न सिर्फ जेल महकमे में हड़कंप मच गया है, बल्कि पंजाब की सियासत में भी उबाल आ गया है।
जेल के अंदर 'ICE' का लाइव डिमोस्ट्रेशन
बठिंडा जिले के तलवंडी साबो का रहने वाला मन्ना, जो फिलहाल होशियारपुर जेल में बंद है, ने लाइव वीडियो के दौरान हाथ में एक छोटा पैकेट लहराते हुए दावा किया कि यह 'ICE' (मेथामफेटामाइन) है, जो एक बेहद खतरनाक और महंगा सिंथेटिक नशीला पदार्थ है।
मन्ना ने मुख्यमंत्री भगवंत मान सरकार के 'युद्ध नशियां विरुद्ध' (नशे के खिलाफ युद्ध) अभियान पर सीधा तंज कसते हुए कहा:
"मैंने जेल से बाहर कभी 'ICE' का इस्तेमाल नहीं किया, लेकिन जेल के अंदर यह आसानी से उपलब्ध है। सरकार बाहर नशा रोकने के बड़े-बड़े दावे कर रही है, जबकि जेलें खुद नशे की मंडी बनी हुई हैं।"
महिला अधिकारी के फोन से लाइव होने का दावा
गैंगस्टर मन्ना ने इस दौरान जेल प्रशासन के बड़े अधिकारियों को सीधे लपेटे में लिया। उसने जेल की ही एक महिला अधिकारी का नाम उजागर करते हुए आरोप लगाया कि वह जिस मोबाइल फोन से लाइवस्ट्रीम कर रहा है, वह उसी अधिकारी का है।
मन्ना ने पुलिस और सरकार को चुनौती देते हुए कहा कि अधिकारी उसे दोबारा पुलिस रिमांड पर लें, वह जांच में उन सभी बड़े अफसरों के नामों का पर्दाफाश करने को तैयार है जो जेलों के भीतर ड्रग्स के इस काले कारोबार को संरक्षण दे रहे हैं। वीडियो के अंत में उसने जेल में कैदियों के उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए भावुक कार्ड भी खेला और कहा, "या तो जेल के अंदर यह प्रताड़ना बंद करो, या फिर हमें सीधे गोली मार दो।"
मुठभेड़ के बाद हुआ था गिरफ्तार
गौरतलब है कि मनप्रीत मन्ना को पिछले साल दिसंबर में पटियाला पुलिस ने एक बेहद रोमांचक और खूनी मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया था। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, मन्ना कुख्यात 'लकी पटियाल गैंग' का बेहद करीबी और सक्रिय साथी है। उस पर जबरन वसूली, हत्या के प्रयास और फायरिंग के दर्जनों मामले दर्ज हैं। वह पूर्व गैंगस्टर कुलबीर नरुआना की हत्या के मामले में भी मुख्य आरोपियों में से एक है।अधिकारियों का रुख: केस दर्ज
इस बड़ी सुरक्षा चूक पर होशियारपुर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) संदीप मलिक ने सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि जेल के भीतर मोबाइल फोन के इस्तेमाल और बरामदगी को लेकर तुरंत मामला दर्ज कर लिया गया है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि मामले की गहराई से जांच की जाएगी और यदि इस रैकेट में जेल के किसी भी अधिकारी या कर्मचारी की संलिप्तता पाई जाती है, तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई होगी।
वहीं, होशियारपुर सेंट्रल जेल के सुपरिटेंडेंट सतनाम सिंह ने बताया कि वायरल वीडियो का संज्ञान लेते हुए आंतरिक जांच शुरू कर दी गई है और रिपोर्ट के आधार पर अगली विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
राजनीतिक गलियारों में भूचाल
चूंकि पंजाब के जेल मंत्री डॉ. रवजोत सिंह खुद होशियारपुर विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हैं, इसलिए विपक्ष को सरकार पर हमला करने का एक बड़ा मौका मिल गया है।
शिरोमणि अकाली दल का हमला: अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने सरकार को आड़े हाथों लेते हुए सोशल मीडिया पर लिखा, "नशे के खिलाफ बड़ी-बड़ी डींगें हांकने वाली आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार जेलों के भीतर नशीले पदार्थों की सप्लाई और मोबाइल के इस्तेमाल को रोकने में पूरी तरह नाकाम रही है।" बादल ने इस मामले में नैतिक जिम्मेदारी तय करते हुए जेल मंत्री डॉ. रवजोत सिंह से तुरंत इस्तीफे की मांग की है।
कांग्रेस ने उठाए जवाबदेही पर सवाल: पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वडिंग ने भी घटना की निंदा करते हुए कहा कि एक खूंखार गैंगस्टर का जेल से लाइव आना और नशा दिखाना यह साबित करता है कि पंजाब की जेलें अपराधियों के लिए सुरक्षित ठिकाना बन चुकी हैं।
जेल मंत्री की सफाई: विपक्ष के चौतरफा हमले के बीच जेल मंत्री डॉ. रवजोत सिंह ने बयान जारी कर कहा है कि सरकार ने इन आरोपों को बेहद गंभीरता से लिया है। उन्होंने कहा कि किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा और कैदी द्वारा लगाए गए आरोपों की सच्चाई का पता लगाने के लिए एक उच्च स्तरीय और विस्तृत जांच के आदेश दे दिए गए हैं।
