Durand Cup 2026: भारतीय फुटबॉल के सबसे बड़े मुकाबलों में शुमार ईस्ट बंगाल और मोहन बगान सुपर जायंट की भिड़ंत में इस बार ईस्ट बंगाल का दबदबा देखने को मिला। रविवार को साल्टलेक स्टेडियम में खेले गए डूरंड कप के फाइनल में ईस्ट बंगाल ने अपने चिर प्रतिद्वंद्वी मोहन बगान को 4-1 से करारी शिकस्त देकर खिताब अपने नाम किया। इस जीत के साथ टीम का 22 साल लंबा इंतजार भी खत्म हो गया। फाइनल में ईस्ट बंगाल की जीत के सबसे बड़े हीरो एडमंड लालरिंडिका रहे। उन्होंने पहले हाफ में ही हैट्रिक लगाकर मोहन बगान की वापसी की उम्मीदों को बड़ा झटका दिया। खचाखच भरे स्टेडियम में ईस्ट बंगाल ने शुरुआत से ही आक्रामक खेल दिखाया और मिले मौकों को गोल में बदलने में कोई चूक नहीं की।

10वें मिनट में बिपिन सिंह ने खोला खाता
ईस्ट बंगाल को मुकाबले में बढ़त हासिल करने के लिए ज्यादा इंतजार नहीं करना पड़ा। 10वें मिनट में बिपिन सिंह ने गोल कर टीम को 1-0 से आगे कर दिया। मोहन बगान इस झटके से संभल पाता, उससे पहले ही एडमंड लालरिंडिका ने 12वें मिनट में गोल दागकर स्कोर 2-0 कर दिया। एडमंड यहीं नहीं रुके। 22वें मिनट में उन्होंने एक और गोल करते हुए ईस्ट बंगाल की बढ़त 3-0 कर दी। शुरुआती 22 मिनट में तीन गोल खाने के बाद मोहन बगान पर दबाव साफ नजर आने लगा। तीन गोल से पिछड़ने के बावजूद मोहन बगान ने हार नहीं मानी। 33वें मिनट में मनवीर सिंह ने गोल कर स्कोर 3-1 किया और टीम की वापसी की उम्मीद जगाई। हालांकि यह उम्मीद ज्यादा देर तक कायम नहीं रह सकी। पहला हाफ खत्म होने से ठीक पहले 44वें मिनट में एडमंड ने एक बार फिर मोहन बगान के डिफेंस को भेद दिया।
ज्यादा बॉल पजेशन के बाद भी नहीं बदली मोहन बगान की किस्मत
इस गोल के साथ उन्होंने अपनी हैट्रिक पूरी की और ईस्ट बंगाल को 4-1 की मजबूत बढ़त दिला दी। मुकाबले में मोहन बगान ने गेंद पर ज्यादा नियंत्रण रखा और गोल करने के कई प्रयास भी किए, लेकिन टीम मौकों को भुनाने में नाकाम रही। इसके उलट ईस्ट बंगाल ने तेज जवाबी हमलों के जरिए मोहन बगान की रक्षापंक्ति पर लगातार दबाव बनाए रखा। दूसरे हाफ में मोहन बगान ने गोल की तलाश में आक्रमण तेज किया, लेकिन ईस्ट बंगाल का डिफेंस मजबूत बना रहा। कई कोशिशों के बावजूद मोहन बगान स्कोर में कोई और बदलाव नहीं कर सका। ईस्ट बंगाल को भी दूसरे हाफ में कुछ मौके मिले, लेकिन टीम अपनी बढ़त में इजाफा नहीं कर पाई।
22 साल बाद ईस्ट बंगाल के हाथ आई ट्रॉफी
अंत तक 4-1 का स्कोर बरकरार रहा और ईस्ट बंगाल ने शानदार जीत के साथ डूरंड कप की ट्रॉफी अपने नाम कर ली। टीम ने 22 साल बाद इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट का खिताब जीता है। मुकाबले के आखिरी पलों में एक दिलचस्प नजारा भी देखने को मिला। रेफरी की सीटी को कुछ ईस्ट बंगाल समर्थकों ने फाइनल सीटी समझ लिया और स्टैंड में जश्न शुरू हो गया। पटाखे भी चलने लगे, हालांकि मुकाबला उस समय पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ था।
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17वीं बार डूरंड कप चैंपियन बना ईस्ट बंगाल
यह ईस्ट बंगाल का 17वां डूरंड कप खिताब है। इसके साथ ही टीम टूर्नामेंट के 139 साल के इतिहास में सर्वाधिक खिताब जीतने के मामले में मोहन बगान की बराबरी पर पहुंच गई। चिर प्रतिद्वंद्वी को फाइनल में 4-1 से हराकर खिताब जीतना ईस्ट बंगाल और उसके समर्थकों के लिए इस सफलता को और भी खास बना गया।