बुंदेलखंड एक्सप्रेस में सफर के दौरान अगवा की गई 18 माह की बच्ची को जीआरपी ग्वालियर ने महज 24 घंटे के भीतर सकुशल बरामद कर लिया है। पुलिस ने इस मामले में आरोपी को ग्वालियर के गांधीनगर क्षेत्र से गिरफ्तार किया है। शुरुआती पूछताछ में आरोपी ने बताया कि उसकी कोई संतान नहीं है, इसी वजह से उसने बच्ची को अपने साथ ले जाने की साजिश रची थी। पुलिस आरोपी से पूछताछ कर घटना के अन्य पहलुओं की जांच कर रही है।
महिला से बढ़ाई नजदीकी
एडीजी रेल राजा बाबू सिंह के अनुसार, शिवपुरी निवासी महिला अपनी 18 माह की बेटी के साथ बुंदेलखंड एक्सप्रेस से ग्वालियर से प्रयागराज जा रही थी। महिला अपने भाई के घर जाने के लिए ट्रेन में सवार हुई थी। यात्रा के दौरान उसी कोच में बैठे आरोपी ने महिला से बातचीत शुरू की और धीरे-धीरे उसका विश्वास जीत लिया। आरोपी ने खुद को सामान्य यात्री की तरह पेश किया और महिला से दोस्ताना व्यवहार करने लगा। इसी दौरान जब महिला अपनी सीट व्यवस्थित करने लगी तो आरोपी ने बच्ची को संभालने के लिए गोद में लेने की बात कही। महिला ने भरोसा करते हुए बच्ची उसे दे दी। इसी बीच महिला कुछ काम में व्यस्त हो गई और आरोपी बच्ची को लेकर ट्रेन से उतरकर फरार हो गया।
गायब होने के बाद मचा हड़कंप
कुछ समय बाद जब महिला ने बच्ची को अपने पास नहीं देखा तो उसकी चिंता बढ़ गई। उसने आसपास तलाश की, लेकिन बच्ची और आरोपी दोनों का पता नहीं चल सका। इसके बाद मामले की सूचना तुरंत जीआरपी को दी गई। जीआरपी ग्वालियर ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल अपहरण का प्रकरण दर्ज किया और बच्ची की तलाश के लिए विशेष टीम का गठन किया। पुलिस ने रेलवे स्टेशन, प्लेटफॉर्म और आसपास के इलाकों में जांच शुरू कर दी।तकनीकी साक्ष्यों से आरोपी तक पहुंची
बच्ची की तलाश के लिए पुलिस ने रेलवे स्टेशन और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। इसके साथ ही तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर तंत्र की मदद से आरोपी की जानकारी जुटाई गई।
लगातार प्रयासों के बाद पुलिस को आरोपी के ग्वालियर के गांधीनगर क्षेत्र में होने की सूचना मिली। इसके बाद टीम ने दबिश देकर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया और उसके कब्जे से बच्ची को सकुशल बरामद कर लिया।
बच्ची को अगवा करने की वजह
पूछताछ के दौरान आरोपी ने पुलिस को बताया कि उसकी कोई संतान नहीं है। इसी कारण उसने बच्ची को अपने साथ ले जाने का फैसला किया। हालांकि पुलिस आरोपी के बयान की जांच कर रही है और उसके पीछे किसी अन्य मकसद की भी पड़ताल की जा रही है। पुलिस आरोपी के पुराने आपराधिक रिकॉर्ड की भी जांच कर रही है। साथ ही यह पता लगाया जा रहा है कि इस घटना में कोई और व्यक्ति शामिल था या नहीं।सुरक्षित सौंपी गई बच्ची
एडीजी रेल राजा बाबू सिंह ने बताया कि बच्ची को सुरक्षित उसकी मां के सुपुर्द कर दिया गया है। घटना के इतने कम समय में बच्ची को बरामद करने वाली जीआरपी ग्वालियर की टीम की उन्होंने सराहना की। उन्होंने कहा कि यात्रियों की सुरक्षा रेलवे पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इस तरह के मामलों में पुलिस तेजी से कार्रवाई कर अपराधियों को कानून के दायरे में लाने का काम करेगी। उन्होंने यात्रियों से भी अपील की कि यात्रा के दौरान बच्चों और सामान की सुरक्षा को लेकर सतर्क रहें।