रविवार को शहडोल जिले में मानसूनी आफत ने भारी तबाही मचाई। तेज बारिश के बीच अलग-अलग इलाकों में गिरी आकाशीय बिजली की चपेट में आने से तीन लोगों की असमय मौत हो गई, जबकि कई लोग गंभीर रूप से झुलस गए। हादसों के बाद इलाके में शोक की लहर दौड़ गई है। वहीं, एक घटना के बाद स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली भी खुलकर सामने आ गई, जब झुलसे मरीज को समय पर डॉक्टरी इलाज नहीं मिल सका। पहला दुखद हादसा जैतपुर थाना क्षेत्र के झींक बिजुरी चौकी अंतर्गत आने वाले ग्राम झींक का है। यहाँ खेतों में धान की रोपाई चल रही थी, तभी अचानक गड़गड़ाहट के साथ बिजली आ गिरी। इसकी चपेट में आने से 28 वर्षीय किशन (पत्नी राकेश) गंभीर रूप से झुलस गईं।
इलाज में देरी, दूसरे अस्पताल में रेफर
घटना के तुरंत बाद ग्रामीण बेहद उम्मीद के साथ उन्हें स्थानीय झींक बिजुरी अस्पताल ले गए, लेकिन वहाँ कोई भी डॉक्टर मौजूद नहीं था। इलाज में हुई इस देरी के बीच आनन-फानन में मरीज को एंबुलेंस से जिला अस्पताल शहडोल रेफर किया गया, जहाँ डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इस हादसे में दो अन्य लोग भी झुलसे हैं, जिनका इलाज जारी है और हालत स्थिर बताई जा रही है।
खेतों में काम करने वाले गाज की चपेट में आए
दूसरा हादसा दरशिला चौकी क्षेत्र के छुटकी टोला में हुआ। यहाँ खेत में धान लगा रहे 45 वर्षीय सुंदर पाव पर गाज गिर गई, जिससे उनकी मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। इसी चौकी क्षेत्र के रेकोवा गांव में भी खेतों में काम करने के दौरान दो लोग गाज की चपेट में आ गए। उन्हें तत्काल अस्पताल पहुँचाया गया, जहाँ डॉक्टरों के मुताबिक अब दोनों की हालत खतरे से बाहर है।बिजली की चपेट में आया मासूम
तीसरी हृदयविदारक घटना ग्राम मुसरा (जैतपुर) की है। यहाँ 11 वर्षीय मासूम धर्मेंद्र सिंह (पिता प्रेमलाल सिंह) तेज बारिश के समय अपने घर के बाहर खड़ा था। तभी गिरी बिजली की चपेट में आने से उसकी मौके पर ही मौत हो गई। मासूम को बचाने के प्रयास में उसकी भाभी भी झुलस गईं, जिन्हें उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घटनाओं की सूचना मिलते ही संबंधित थानों की पुलिस टीमों ने मौकों पर पहुँचकर मर्ग कायम कर लिया है और शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर वैधानिक जांच शुरू कर दी है।
किसानों के लिए चेतावनी जारी
जिले में लगातार बदल रहे मौसम और बारिश की संभावना को देखते हुए मौसम विभाग ने ग्रामीणों और किसानों के लिए चेतावनी जारी की है। विभाग ने साफ तौर पर अपील की है कि खराब मौसम या कड़कड़ाती बिजली के दौरान खुले खेतों, ऊंचे पेड़ों और लोहे के खंभों के नीचे शरण न लें। सुरक्षामूलक उपायों का पालन करना ही ऐसे हादसों से बचाव का एकमात्र जरिया है।