दिल्ली के जंतर-मंतर पर नीट पेपर लीक और परीक्षा में कथित अनियमितताओं के खिलाफ चल रहे विरोध प्रदर्शन में शामिल एक छात्र ने अपनी मेहनत और सपनों के टूटने का दर्द साझा किया। छात्र ने अपनी पुरानी NCERT किताब दिखाते हुए कहा कि उसने एक-एक लाइन पढ़कर तैयारी की थी, लेकिन अब समझ नहीं आ रहा कि आगे क्या करें। भले ही कोई परीक्षा जिंदगी का अंतिम फैसला नहीं होती, लेकिन लाखों छात्रों के लिए यह उनके भविष्य की दिशा तय करने वाला अहम पड़ाव होता है। छात्रों का कहना है कि परीक्षा में गड़बड़ी और पेपर लीक जैसी घटनाओं का खामियाजा मेहनत करने वाले अभ्यर्थियों को नहीं भुगतना चाहिए।
अभ्यर्थियों का विरोध जारी
नीट परीक्षा में कथित पेपर लीक और एनटीए की कार्यप्रणाली में सुधार की मांग को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों, अभिभावकों और शिक्षकों का प्रदर्शन जारी है। प्रदर्शनकारी परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। प्रदर्शन में पहुंचे छात्र ने बताया कि वह पिछले तीन साल से NEET, CUET और IISER जैसी परीक्षाओं की तैयारी कर रहा है। उसने कहा कि लगातार मेहनत के बाद भी परीक्षा में हुई गड़बड़ी से उसकी उम्मीदों को बड़ा झटका लगा है।
किताब के पन्ने तक घिस गए'
छात्र ने अपनी NCERT किताब दिखाते हुए कहा कि उसने पूरी लगन से पढ़ाई की थी। किताब की हालत दिखाते हुए उसने कहा कि हर लाइन याद करने की कोशिश की, लेकिन अब मेहनत का परिणाम प्रभावित हो गया है। छात्र ने बताया कि उसका सपना वैज्ञानिक बनने का था। वह रिसर्च के क्षेत्र में जाकर नदियों को साफ करने वाले रसायनों पर काम करना चाहता था। इसी लक्ष्य को लेकर उसने IISER जैसी प्रतिष्ठित परीक्षा भी दी थी।रिसर्च क्षेत्र में जाने की थी तैयारी
IISER यानी इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस एजुकेशन एंड रिसर्च देश के प्रमुख विज्ञान और शोध संस्थानों में प्रवेश के लिए परीक्षा आयोजित करता है। इसमें चयनित छात्र रिसर्च के क्षेत्र में आगे बढ़ते हैं। देश में इसके सात संस्थान संचालित हैं।
छात्र ने बताया कि उसका सपना NEET के जरिए आर्म्ड फोर्सेस मेडिकल कॉलेज (AFMC), पुणे में दाखिला लेने का था। उसे उम्मीद थी कि इस बार अच्छे अंक के साथ उसका सपना पूरा हो जाएगा।
पेपर लीक के बाद बदले हालात
छात्र के मुताबिक, परीक्षा में उसका प्रदर्शन अच्छा था और करीब 630 अंक आने की उम्मीद थी। लेकिन पेपर लीक विवाद के बाद दोबारा परीक्षा हुई, जिसमें उसका स्कोर घटकर 450 के आसपास रह गया। छात्र ने कहा कि अगर परीक्षा में गड़बड़ी नहीं होती तो उसे मनचाहा कॉलेज मिल सकता था। अब कम स्कोर के कारण उसके सामने विकल्प काफी सीमित हो गए हैं। उसने बताया कि तीन साल की तैयारी के बाद यह स्थिति उसके लिए बेहद निराशाजनक है।री-एग्जाम के बाद घोषित हुआ
छात्रों के विरोध के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पेपर लीक मामले पर सख्त रुख अपनाते हुए इसे छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ बताया। उन्होंने कहा कि दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। केंद्र सरकार और एनटीए ने पेपर लीक विवाद के बाद परीक्षा प्रक्रिया में बदलाव करते हुए दोबारा परीक्षा आयोजित कराई थी। इसके बाद जारी परिणाम में बड़ी संख्या में उम्मीदवारों ने क्वालीफाई किया। प्रदर्शन कर रहे छात्रों का कहना है कि मेहनत करने वाले अभ्यर्थियों को न्याय मिलना चाहिए। उनकी मांग है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए परीक्षा प्रणाली को और मजबूत बनाया जाए।