अंतर्राष्ट्रीय दिवस के अवसर पर कोपरा रिजर्वायर परिसर में पर्यावरण संरक्षण, जैव विविधता संवर्धन और प्रकृति के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से विशेष जनजागरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर नागरिकों, विद्यार्थियों, सामाजिक संगठनों, स्वयंसेवकों और प्रकृति प्रेमियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की। कार्यक्रम के माध्यम से लोगों को जैव विविधता के महत्व और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण की आवश्यकता के प्रति जागरूक किया गया।
जैव विविधता संरक्षण पर दिया गया विशेष जोर
कार्यक्रम के दौरान आयोजकों ने कहा कि जैव विविधता पृथ्वी के संतुलन का आधार है और इसका संरक्षण केवल सरकारी प्रयासों से संभव नहीं है। इसके लिए समाज के प्रत्येक व्यक्ति की सक्रिय भागीदारी जरूरी है। उन्होंने लोगों से पर्यावरण संरक्षण को जनआंदोलन का रूप देने की अपील की।कार्यक्रम की शुरुआत क्लीनलीनेस ड्राइव के साथ हुई। प्रतिभागियों ने कोपरा रिजर्वायर परिसर में सफाई अभियान चलाकर स्वच्छ और हरित वातावरण बनाए रखने का संदेश दिया। लोगों ने प्लास्टिक एवं अन्य कचरे को हटाकर पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता दिखाई।
बर्ड वॉक में देखा पक्षियों का अनोखा संसार
इसके बाद आयोजित बर्ड वॉक गतिविधि प्रतिभागियों के लिए आकर्षण का केंद्र रही। विशेषज्ञों और पर्यावरण प्रेमियों के मार्गदर्शन में लोगों ने क्षेत्र में पाए जाने वाले विभिन्न पक्षियों का अवलोकन किया। विशेषज्ञों ने बताया कि पक्षी प्राकृतिक संतुलन बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं तथा जैव विविधता संरक्षण में उनका विशेष योगदान होता है। प्रतिभागियों को पक्षियों की विभिन्न प्रजातियों और उनके प्राकृतिक आवास के बारे में जानकारी दी गई।वृक्षारोपण और हरित आवरण बढ़ाने के उद्देश्य से आयोजित सीड बॉल निर्माण गतिविधि में भी लोगों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक सीड बॉल तैयार किए और उन्हें पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक प्रभावी पहल बताया।हस्ताक्षर अभियान के जरिए दिलाई संरक्षण की शपथ
कार्यक्रम के दौरान जैव विविधता संरक्षण, वन्यजीव सुरक्षा और प्रकृति संवर्धन के समर्थन में हस्ताक्षर अभियान भी चलाया गया। उपस्थित लोगों ने हस्ताक्षर कर पर्यावरण बचाने और आने वाली पीढ़ियों के लिए प्राकृतिक संसाधनों को सुरक्षित रखने का संकल्प लिया। लोगों ने पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी निभाने का संदेश भी दिया।कार्यक्रम का समापन पर्यावरण संरक्षण, जैव विविधता संवर्धन और सतत विकास के संदेश के साथ हुआ। आयोजकों ने कहा कि ऐसे जनजागरण कार्यक्रम लोगों को प्रकृति के प्रति संवेदनशील बनाने और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में प्रेरित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
