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पीड़ा में महिला को तुरंत अस्पताल पहुंचाया
पीड़ा में महिला को तुरंत अस्पताल पहुंचाया
गरियाबंद

मिसाल : एम्बुलेंस से पहले पहुंची पुलिस, सड़क किनारे जन्म के बाद मां-बच्चे को मिली नई जिंदगी 

सूचना मिलते ही इंदागांव थाना प्रभारी उप निरीक्षक जितेंद्र कुमार विजयवार तुरंत मौके पर पहुंचे और एम्बुलेंस का इंतजार न करते हुए महिला और नवजात को अपने निजी वाहन से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) मैनपुर पहुंचाया। समय पर उपचार मिलने से जच्चा और बच्चा दोनों सुरक्षित हैं।

कीर्तिमान न्यूज
14 Jun 2026, 04:09 PM
गरियाबंद

गरियाबंद जिले के इंदागांव थाना क्षेत्र अंतर्गत राष्ट्रीय राजमार्ग-130 (NH-130) पर उस समय अचानक हड़कंप मच गया जब थाना परिसर के पास मुख्य मार्ग पर एक गर्भवती महिला को अचानक तेज और असहनीय प्रसव पीड़ा शुरू हो गई। सामान्य यात्रा कर रही महिला की स्थिति कुछ ही पलों में बेहद गंभीर हो गई और वह सड़क किनारे असहाय होकर बैठ गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दर्द इतना तीव्र था कि स्थिति संभाल पाना मुश्किल हो गया और देखते ही देखते महिला ने वहीं सड़क किनारे एक नवजात शिशु को जन्म दे दिया। 

त्वरित रेस्क्यू ऑपरेशन

एम्बुलेंस का इंतजार करने में कीमती समय बर्बाद न हो, इसलिए थाना प्रभारी ने तत्काल निर्णय लेते हुए अपने निजी वाहन का उपयोग किया। उन्होंने मां और नवजात शिशु को सुरक्षित तरीके से अपने वाहन में बैठाया और बिना किसी देरी के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) मैनपुर के लिए रवाना हो गए। रास्ते भर प्राथमिकता केवल एक ही थी—मां और बच्चे को समय पर चिकित्सकीय सहायता उपलब्ध कराना। वाहन को तेज लेकिन सुरक्षित तरीके से अस्पताल की ओर ले जाया गया।

CHC मैनपुर में मिला तुरंत इलाज

अस्पताल पहुंचते ही डॉक्टरों की टीम ने तुरंत उपचार शुरू किया। समय पर पहुंचाने और प्राथमिक सहायता मिलने के कारण जच्चा और बच्चा दोनों की स्थिति स्थिर हो गई। चिकित्सकों के अनुसार यदि थोड़ी भी देर होती तो स्थिति गंभीर हो सकती थी। फिलहाल अस्पताल प्रशासन ने पुष्टि की है कि मां और नवजात दोनों पूरी तरह सुरक्षित हैं और चिकित्सकीय निगरानी में हैं।

संवेदनशीलता बनी चर्चा का विषय

इस पूरी घटना ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि पुलिस केवल कानून व्यवस्था तक सीमित नहीं है, बल्कि संकट की घड़ी में जीवन रक्षक की भूमिका भी निभाती है। इंदागांव थाना प्रभारी जितेंद्र कुमार विजयवार की त्वरित कार्रवाई और मानवीय संवेदनशीलता की स्थानीय लोगों ने जमकर सराहना की। राहगीरों और ग्रामीणों ने कहा कि यदि पुलिस समय पर नहीं पहुंचती, तो स्थिति गंभीर हो सकती थी। थाना प्रभारी का यह कदम पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बन गया है।

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