कबीरधाम जिले के लोहारा थाना क्षेत्र के ग्राम बिरनपुर में एक दर्दनाक हादसे ने पूरे गांव को गमगीन कर दिया। खेत में फसल को मवेशियों से बचाने के लिए लगाए गए बिजली के करंट वाले तार ने पिता और पुत्र दोनों की जान ले ली। घटना के बाद पूरे गांव में शोक की लहर है। पुलिस ने दोनों शवों का पोस्टमार्टम कराने के बाद परिजनों को सौंप दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है।
पहले बेटा को करंट लगा फिर पिता चपेंट में
प्राप्त जानकारी के अनुसार, बिरनपुर निवासी 22 वर्षीय किसान परमेश्वर पटेल ने अपनी फसल को आवारा मवेशियों से बचाने के लिए खेत के चारों ओर बिजली का तार लगाया था, जिसमें करंट प्रवाहित हो रहा था। बुधवार को खेत में काम करते समय वह गलती से उसी तार की चपेट में आ गया और मौके पर ही उसकी मौत हो गई। कुछ देर बाद उसके पिता 55 वर्षीय गोकरण पटेल खेत पहुंचे। उन्होंने बेटे को जमीन पर अचेत पड़ा देखा और उसे उठाने की कोशिश की। जैसे ही उन्होंने बेटे को छुआ, वे भी करंट की चपेट में आ गए और उनकी भी घटनास्थल पर ही मौत हो गई।
ग्रामीनों ने पुलिस और कोटवाल को सुचित किया
आस-पास के खेतों में काम कर रहे किसानों ने जब दोनों को जमीन पर पड़े देखा तो तुरंत गांव के कोटवार और पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही लोहारा थाना पुलिस मौके पर पहुंची। सबसे पहले बिजली आपूर्ति बंद कराई गई, इसके बाद दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद शव परिजनों को सौंप दिए गए।
यहा घटना दुसरी बार पहले भी हो चुका है
लोहारा थाना प्रभारी मनीष मिश्रा ने बताया कि मामले में मर्ग कायम कर लिया गया है और पूरे घटनाक्रम की जांच की जा रही है। प्रारंभिक जांच में करंट लगने से दोनों की मौत होना सामने आया है। एक साल में दूसरी ऐसी घटना, फिर भी नहीं मिली सीख ग्रामीणों के अनुसार, बिरनपुर गांव में खेतों की सुरक्षा के लिए बिजली का करंट लगाने से मौत का यह एक वर्ष के भीतर दूसरा मामला है।
पुलिस और प्रशासन की अपील
पुलिस और प्रशासन की अपील पुलिस ने ग्रामीणों से अपील की है कि खेतों को मवेशियों से बचाने के लिए बिजली के करंट का इस्तेमाल बिल्कुल न करें। इसकी जगह सुरक्षित और वैकल्पिक उपाय अपनाएं। थोड़ी-सी लापरवाही न केवल कानूनन अपराध है, बल्कि किसी भी परिवार के लिए अपूरणीय क्षति का कारण भी बन सकती है। पिछली घटना के बावजूद कुछ लोग अब भी खेतों के चारों ओर करंट प्रवाहित तार लगाने जैसी खतरनाक व्यवस्था का इस्तेमाल कर रहे हैं। यही लापरवाही एक बार फिर दो लोगों की जान पर भारी पड़ गई।