फीफा वर्ल्ड कप 2026 के ग्रुप सी के एक बेहद रोमांचक और हाई-वोल्टेज मुकाबले में स्कॉटलैंड ने हैती को 1-0 से हराकर इतिहास रच दिया है। बोस्टन के मैदान पर खेली गई यह जंग न सिर्फ स्कॉटलैंड के ऐतिहासिक कमबैक के लिए याद रखी जाएगी, बल्कि मैच के दौरान रेफरी द्वारा लिए गए कुछ चौंकाने वाले फैसलों के कारण भी लंबे समय तक चर्चा में रहेगी।
ऐतिहासिक जीत: टूट गए कई पुराने रिकॉर्ड्स
स्कॉटलैंड के लिए यह जीत किसी बड़े उत्सव से कम नहीं है। इस मुकाबले को जीतकर टीम ने फुटबॉल इतिहास के कई पन्नों को दोबारा लिखा है:
36 साल का लंबा इंतजार खत्म: स्कॉटलैंड ने विश्व कप के मंच पर पूरे 36 साल बाद कोई मैच जीता है। इससे पहले टीम ने आखिरी बार 1990 के वर्ल्ड कप में जीत का स्वाद चखा था।
44 साल बाद ओपनिंग मैच में फतह: साल 1982 के बाद यह पहली बार है जब स्कॉटलैंड ने अपने वर्ल्ड कप अभियान की शुरुआत जीत के साथ की है। 1982 में उन्होंने न्यूजीलैंड को 5-2 से रौंदा था।
मंच पर यादगार वापसी: 1998 के बाद यह पहला मौका था जब स्कॉटलैंड की पुरुष टीम वर्ल्ड कप के मैदान पर उतरी और उतरते ही इतिहास रच दिया।
29वें मिनट का वो 'गोल्डन गोल' जिसने बदल दिया इतिहास
मैच की शुरुआत से ही दोनों टीमों के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिल रही थी, लेकिन 29वें मिनट में स्कॉटलैंड ने मैच का पासा पलट दिया।
कैसे हुआ गोल: स्कॉटलैंड के फॉरवर्ड खिलाड़ी चे एडम्स ने एक लंबी पास पर शानदार नियंत्रण बनाया और गेंद को बेन गैनन-डोक की तरफ बढ़ा दिया। गैनन-डोक के खतरनाक क्रॉस को हैती के डिफेंडर ने ब्लॉक करने की कोशिश की, लेकिन गेंद सीधे जॉन मैकगिन के पास जा पहुंची। मैकगिन ने बिना कोई गलती किए बॉक्स के किनारे से एक बुलेट शॉट लगाया। गेंद हैती के डिफेंडर से हल्की सी डिफ्लेक्ट (टकराकर) हुई और गोलकीपर जॉनी प्लेसिड को चकमा देते हुए सीधे नेट के अंदर जा धंसी। यही एकमात्र गोल अंत में निर्णायक साबित हुआ।
विवादों के साये में मैच: रेफरी और VAR पर उठे गंभीर सवाल
स्कॉटलैंड भले ही मैच जीत गया हो, लेकिन हैती के प्रशंसक और फुटबॉल विशेषज्ञ रेफरी के फैसलों से बेहद नाराज हैं। अल्जीरिया के रेफरी मुस्तफा घोरबल की अंपायरिंग इस मैच में तीखी आलोचनाओं के घेरे में है।
1. दो बार बची पेनल्टी, VAR भी रहा खामोश:
73वां मिनट: स्कॉटलैंड के डिफेंडर के हाथ से गेंद लगी, हैती के खिलाड़ियों ने पेनल्टी की मांग की, लेकिन रेफरी ने इसे नजरअंदाज कर दिया।
79वां मिनट (सबसे बड़ा विवाद): हैती के जीन-रिकनर बेलेगार्डे ने एक जोरदार किक मारी। गेंद स्कॉटलैंड के बॉक्स के अंदर मौजूद डिफेंडर के हाथ से साफ टकराई। फुटबॉल नियमों के मुताबिक यह सीधे तौर पर पेनल्टी थी। हैती के खिलाड़ियों ने मैदान पर जोरदार अपील की, लेकिन रेफरी मुस्तफा घोरबल टस से मस नहीं हुए। हैरत की बात यह रही कि वीडियो असिस्टेंट रेफरी (VAR) ने भी इस पर कोई दखल नहीं दिया।
2. रेड कार्ड से बचे केनी मैक्लीन: मैच के दौरान स्कॉटलैंड के केनी मैक्लीन ने हैती के जोसु कासिमिर के घुटने पर बेहद खतरनाक टैकल किया था। जानकारों का मानना है कि यह सीधे तौर पर 'रेड कार्ड' का मामला था, जिससे खिलाड़ी को मैदान से बाहर जाना पड़ता, लेकिन रेफरी ने यहां भी नरमी दिखाई।
ताजा स्थिति और आगे की राह
इस जीत के साथ स्कॉटलैंड ने ग्रुप सी के पॉइंट्स टेबल में 3 महत्वपूर्ण अंक हासिल कर लिए हैं और उनके नॉकआउट में पहुंचने की उम्मीदें मजबूत हो गई हैं। वहीं, बेहतरीन खेल दिखाने के बावजूद हैती को खाली हाथ लौटना पड़ा है। देखना होगा कि फीफा इस मैच में हुई अंपायरिंग की चूक पर कोई संज्ञान लेता है या नहीं।
